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हिमाचल: प्रसाद के सैंपल फैल होने के बाद बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट की कैंटीन बंद

Wed, 20 Nov 2024 03:15 PM IST
Krishan Singh एजेंसी/संवाद, हमीरपुर
एजेंसी/संवाद, हमीरपुर Published by: Krishan Singh Updated Wed, 20 Nov 2024 03:15 PM IST
सार

हमीरपुर के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में मंदिर न्यास कैंटीन में तैयार रोट प्रसाद के दो सैंपल खाद्य सुरक्षा जांच में फेल हो गए हैं।

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Himachal: Baba Balak Nath Temple Trust's canteen closed after prasad samples failed
बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध(फाइल) - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में मंदिर न्यास कैंटीन में तैयार रोट प्रसाद के दो सैंपल खाद्य सुरक्षा जांच में फेल हो गए हैं। जांच में पाया गया कि ये रोट खाने लायक नहीं थे। रोट वासी पाए गए हैं, जिनकी स्टोरेज सही ढंग से नहीं की गई थी। वहीं, उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से मंदिर न्यास की ओर संचालित की जा रही कैंटीन को बंद करने के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि दो माह पूर्व आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी मंदिर में प्रसाद में मिलावट का मामला सामने आया था। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दियोटसिद्ध में दुकानों और न्यास की कैंटीन से रोट के छह सैंपल लिए थे, जिनमें से दो मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच में रोट वासी पाए गए हैं जिसकी स्टोरेज सही ढंग से नहीं की गई थी।

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रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि यह रोट खाने लायक नहीं थे।  बालयोगी को चढ़ने वाला यह रोट का प्रसाद आटा, मैदा, डालडा घी या रिफांइड, चीनी और गुड़ से बनाया जाता है। आमतौर पर बाबा बालक नाथ को चढ़ने वाले इस रोट को प्रसाद के रूप में मंदिर परिसर की दर्जनों दुकानों पर बेचा जाता है। रोट को प्रसाद के रूप में दो से तीन सप्ताह तक प्रयोग किया जाता है। ऐसे में सही ढंग से भंडारण न होने के चलते खराब होने की संभावना बनी रहती है। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अतिरिक्त कमिश्नर अनिल शर्मा ने कहा कि प्रशासन की निगरानी में आगामी दिनों दुकानदारों को जागरूक किया जाएगा। यहां पर खाद्य सुरक्षा की नजर से विभागीय गतिविधियां भी बढ़ाई जाएंगी। छह में से दो सेंपल फेल हुए हैं। एहतियात के तौर पर यह सैंपल उठाए गए थे। अब यहां पर लीगल सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लिए जाएंगे। यदि दोबारा एक ही दुकान अथवा कैंटीन के रोट के सैंपल फेल होंगे तो फिर विभाग की ओर कार्रवाई की जाएगी।
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भोग के तहत बनेगा रोट, सुनिश्चित होगी स्वच्छता
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक बाबा बालक नाथ ट्रस्ट के कमीश्नर एवं डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह की अध्यक्षता में बैठक में हुई। उन्होंने मंदिर में ‘भोग’ परियोजना को पूरी तरह लागू करने के लिए भी सभी अधिकारी त्वरित उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के तहत दियोटसिद्ध में भी कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कार्ड दिए जाएंगे और सर्टिफिकेशन की जाएगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई ) की ओर से पूजा स्थलों पर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने की योजना है। प्रशिक्षण के बावजूद अगर किसी खाद्य सामग्री की दुकान में गड़बड़ी पाई जाती है या वहां कोई सैंपल फेल होता है तो उसका लाइसेंस तुरंत निलंबित करें तथा अन्य कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि फील्ड में नियमित रूप से निरीक्षण एवं सैंपलिंग की जानी चाहिए।

आउटसोर्स पर संचालित होगी कैंटीन
न्यास की कैंटीन से लिए रोट के सैंपल फेल होने के बाद कैंटीन को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। अब कैंटीन को आउटसोर्स पर संचालित किया जाएगा। दो से तीन दिनों के भीतर इसका टेंडर आवंटित करने की तैयारी है। हालांकि डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की कैंटीन को आउटसोर्स पर संचालित करने की योजना है। ऐसे में कैंटीन को बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

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