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HP Assembly Session: तपोवन में हिमाचल विधानसभा का पांच दिवसीय शीत सत्र, विनय कुमार उपाध्यक्ष चुने

Tue, 19 Dec 2023 07:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला/नाहन (सिरमौर)
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला/नाहन (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 19 Dec 2023 07:38 PM IST
सार

मंगलवार को शुरू हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन उनका सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। 

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Himachal Assembly winter session live updates today
विनय कुमार विधानसभा उपाध्यक्ष बने। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रेणुका के कांग्रेस विधायक विनय कुमार विधानसभा उपाध्यक्ष चुने गए हैं। तपोवन में मंगलवार को शुरू हुए विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन उनका सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। भोजनावकाश के बाद विधानसभा में विनय कुमार को विधानसभा उपाध्यक्ष चुनने के लिए तीन नामांकन प्रस्ताव पेश किए गए। पहला प्रस्ताव मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रस्तुत किया, जिसका अनुमोदन उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने किया। दूसरा प्रस्ताव कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने रखा और अनुमोदन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने किया। तीसरा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रखा, जिसका अनुमोदन चुराह के भाजपा विधायक हंसराज ने किया।

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राज्य विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन को इससे पहले इन तीन नामांकनों के मिलने की जानकारी दी। इन तीनों प्रस्तावों को सदन में ध्वनिमत से पारित किया गया। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान उन्हें उपाध्यक्ष के आसन तक ले गए। उसके बाद नवनियुक्त उपाध्यक्ष विनय कुमार ने सदन का इस जिम्मेवारी मिलने के लिए आभार जताया। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी उनका स्वागत किया। यह उल्लेखनीय है कि विधानसभा उपाध्यक्ष की यह नियुक्ति सरकार बनने के एक साल बाद की गई है। पिछले तीन सत्रों की बैठकें विधानसभा उपाध्यक्षों की गैरहाजिरी में ही संपन्न हुईं।
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2011 में पहली बार लड़ा उपचुनाव, इसके बाद लगाई हैट्रिक
विधानसभा उपाध्यक्ष बने श्री रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार ने 2011 में पहली बार उपचुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। दिसंबर 2012 के चुनाव में वह राज्य विधानसभा के लिए चुने गए। इस सरकार में वह मुख्य संसदीय सचिव भी रहे। इसके बाद 2017 में वह पुनः निर्वाचित हुए। 2013-17 तक रेणुकाजी विकास बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। 2018-2022 तक अलग -अलग समितियों के सदस्य भी रहे। दिसंबर, 2022 में लगातार तीसरी बार निर्वाचित हुए। श्री रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र से विधायक विनय कुमार का जन्म 12 मार्च 1978 को पूर्व विधायक स्वर्गीय डॉ. प्रेम सिंह के घर माइनाबाग (संगड़ाह) में हुआ। विनय कुमार 2007 श्री रेणुकाजी ब्लॉक कांग्रेस के महासचिव चुने गए। 2018 से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश महासचिव बने। 2020 में प्रदेश उपाध्यक्ष और 2022 में हिमाचल कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष भी चुने गए।

रेणुका को 75 साल बाद सांविधानिक पद : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रेणुका के विधायक विनय कुमार की विस उपाध्यक्ष पद पर ताजपोशी होने पर कहा कि रेणुका को 75 साल के बाद कोई सांविधानिक पद मिला है। प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री यशवंत सिंह परमार के बाद इस विधानसभा क्षेत्र को कोई बड़ा पद नहीं मिल पाया था। विनय कुमार तीन बार के विधायक हैं और लंबे समय से यह परिवार कांग्रेस से जुड़ा रहा है। हालांकि उनकी नियुक्ति में थोड़ा विलंब जरूर हुआ है। देर आए पर दुरुस्त आए। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में वाटर सेस पर भाजपा का विरोध केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने के लिए है। उत्तराखंड के टिहरी में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पर भाजपा न जाने क्यों चुप हो जाती है। आउटसोर्स पर तैनात कोविड वर्कर्स के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार इस वर्ग के प्रति गंभीर है। पिछली सरकार ने उनकी नियुक्ति के लिए कोई नियम नहीं बनाए थे। उन्होंने कहा कि आगे कैसे इन्हें एडजस्ट किया जाए, इसके बारे में सोच विचार किया जा रहा है। भविष्य में होने वाली भर्तियों में उन्हें उनके अनुभव के आधार पर कैसे अंक दिए जाएं, इस पर भी विचार हो रहा है।

सदन में याद किए पूर्व विधायक बालकृष्ण चौहान
धर्मशाला। विधानसभा के शीत सत्र के पहले दिन मंगलवार को सदन में पूर्व विधायक दिवंगत बालकृष्ण चौहान के कार्यों को याद किया गया। प्रश्नकाल से पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से शोकोद्वार प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व विधायक का 76 वर्ष की आयु में 29 नवंबर 2023 को निधन हुआ। जिला चंबा से संबंध रखने वाले दिवंगत बालकृष्ण चौहान ने बिहार और हिमाचल प्रदेश में बतौर प्रशासनिक अधिकारी सेवाएं देते हुए समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कई कार्य किए। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा विधायक हंसराज, विपिन परमार, जनकराज, कांग्रेस विधायक नीरज नैय्यर ने कहा कि पूर्व विधायक बालकृष्ण चौहान सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। बीते कुछ समय से चौहान बीमार थे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि 2007 और 2012 में बालकृष्ण चौहान विधायक बने। बतौर प्रशासनिक अधिकारी भी उनकी सेवाएं उत्कृष्ट रही। विधानसभा अध्यक्ष ने विधायक देवेंद्र भुट्टाे की माता के निधन पर भी दुख जताया। 


विधानसभा अध्यक्ष से मिले कोरोना वॉरियर्स
कोरोना काल में अपनी सेवाएं देने वाले कोरोना वॉरियर्स अपनी समस्याओं को लेकर विधानसभा सत्र के पहले दिन धर्मशाला पहुंचे। उन्होंने कहा कि पिछले कल कोरोना विरियर्स विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया से मिले और एक पॉलिसी तैयार करने का आश्वासन दिया है। कहा है कि जल्द ही कोरोना विरियर्स के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी। वॉरियर्स का कहना है कि दिन-रात ड्यूटी देने वाले कोरोना वायरस आज नौकरी के लिए भटक रहे हैं।

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