विधानसभा सत्र: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- कम कर रहे आउटसोर्स भर्तियां, चयन आयोग के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू
शनिवार को सदन में मुख्यमंत्री ने राज्य कर्मचारी चयन आयोग में भ्रष्टाचार, आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरियों से निकाले जाने और सरकारी नौकरी न दे पाने के मामले में नियम 130 की चर्चा पर का जवाब दिया।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के संबंध में वह कहना चाहेंगे कि ये शोषण का शिकार हो रहे हैं। वह इस तरह की नियुक्तियों को कम कर रहे हैं। उन्हें कुर्सी का लालच नहीं है। वह सत्ता सुख के लिए नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि 162 पदों पर ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट की भर्ती नवगठित राज्य चयन आयोग के माध्यम से मार्च से पहले की जाएंगी। शनिवार को सदन में राज्य कर्मचारी चयन आयोग में भ्रष्टाचार, आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरियों से निकाले जाने और सरकारी नौकरी न दे पाने के मामले में नियम 130 की चर्चा पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार में अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड में भर्तियां बेची गईं।
सरकार बनने के 15 दिन में राज्य सरकार ने कार्रवाई की। जांच के दौरान 11 अभियोग पंजीकृत किए गए। 34 लोगों को सरकार ने गिरफ्तार किया। दीपक सानन कमेटी भी बनाई गई। उसकी पहली संस्तुति के बाद राज्य चयन आयोग का गठन किया गया। इसके लिए नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। जब भाजपा सरकार थी तो मामले कोर्ट में फंसे रहे। आयोग में जो टेस्ट हुए थे, उसके नतीजे निकाले जा रहे हैं। सरकार ने पद भरने में कोई कमी नहीं रखी है। अब तक 1455 पद भरे जा चुके हैं। 1086 पद विज्ञापित कर दिए गए हैं।
आपने हमारे मंत्रियों को दिशा दिखाई : सुक्खू
सत्र के समापन पर सुक्खू ने विस अध्यक्ष से कहा कि आपने हमारे मंत्रियों को दिशा दिखाई। कई फैसले विपक्ष के पक्ष में सुनाए। विचारों में मेल नहीं होता है। अध्यक्ष सभी की बात सुनते हैं। आपके पक्ष में सरकारी पक्ष भी हावी नहीं होता है। आप पेशे से भी अधिवक्ता हैं। यह सदन काफी सार्थक रहा।
हिमाचल में लोकतंत्र की व्यवस्था काफी स्वस्थ : जयराम
सत्र के समापन से पहले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एक साल बीत गया। उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही लोकतंत्र का गहना होते हैं। स्वाभाविक रूप से विपक्ष जहां सरकार के सामने है तो त्रुटियों को इंगित करेगा। कई बार इस बात को भी देखते हैं कि हिमाचल में लोकतंत्र की व्यवस्था काफी स्वस्थ है।
आईजीएमसी में आठ डॉक्टर प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर कार्यरत
वर्तमान में आईजीएमसी में चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में 8 डाॅक्टर प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर कार्यरत हैं। इस अस्पताल में चिकित्सीय प्रशासनिक अधिकारी का एक पद स्वीकृत है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी भाजपा विधायक दीपराज की ओर से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
आपदा में घायल रोगियों का निशुल्क उपचार
हिमाचल के विभिन्न अस्पतालों में शल्य चिकित्सा के लिए आपदा में घायल रोगियों की संख्या 77 है। इनका उपचार आईजीएमसी, हमीरपुर, मंडी मेडिकल कॉलेज में किया गया है। इन रोगियों का उपचार निशुल्क हुआ है। इनके इलाज में डेढ़ लाख से ज्यादा राशि खर्च हुई है। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने यह जानकारी विधायक जनकराज की ओ से पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।