हिमाचल विधानसभा सत्र: सदन में सीएम जयराम बोले- बीबीएमबी का रवैया नकारात्मक, शिमला बुलाकर करेंगे बैठक
सुंदरनगर के भाजपा विधायक राकेश जमवाल के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बीबीएमबी के साथ अनेक बार बात की गई है। नए चेयरमैन को भी कहा गया है कि वे तमाम मसलों पर विचार करें। सारे मसले बीबीएमबी के सकारात्मक और सहयोग का दृष्टिकोण न होने से दिक्कत आ रही है।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को हिमाचल विधानसभा प्रश्नकाल में कहा है कि भाखडा ब्यास प्रबंधन बोर्ड का हिमाचल प्रदेश में विकास कार्यों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण नहीं है। बार-बार इनके प्रतिनिधियों से बात की जा रही है। वहां के अधिकारी मामलों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अब बोर्ड के चेयरमैन सहित अन्य अधिकारियों को शिमला में बुलाकर बैठक की जाएगी। प्रभावित विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को भी इस बैठक में शामिल किया जाएगा। सुंदरनगर के भाजपा विधायक राकेश जमवाल के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बीबीएमबी के साथ अनेक बार बात की गई है। नए चेयरमैन को भी कहा गया है कि वे तमाम मसलों पर विचार करें। सारे मसले बीबीएमबी के सकारात्मक और सहयोग का दृष्टिकोण न होने से दिक्कत आ रही है। विधायक ने कहा कि बीबीएमबी की ओर से सुकेती खड्ड पर धारनडा तलवाली के पास जीप योग्य पुल बनाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तीन पुल बनाए जाने हैं। एक पुल तो ऐसा बना दिया है जिसके दोनों ओर सड़क ही नहीं है। एक पुल बन रहा है जबकि तीसरे में कोई काम आगे नहीं बढ़ रहा।
सदन में सूचना प्रौद्योगिकी पर चर्चा करने की मांग
कंप्यूटर प्रोफेशनल एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बजट सत्र में हिमाचल प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को स्थापित करने के लिए चर्चा करने की मांग की है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पीयूष सेवल और महासचिव प्रवीण मेघटा ने कहा कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश पर लगभग 65000 करोड से अधिक का ऋण हो चुका है। छठे वेतन आयोग के अनुसार संशोधित वेतनमान देने एवं विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से वेतन बढ़ोतरी की मांग को ध्यान में रखते हुए यह ऋण आगामी कुछ माह में 75 हजार करोड़ को भी पार कर जाएगा। हिमाचल प्रदेश की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यहां पर सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को विकसित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य को देखें तो कोरोना के चलते जहां लगभग हर क्षेत्र के उद्योगों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा तो वहीं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र ने इस कठिन समय में भी लाभ अर्जित किया है । वही यह एक ऐसा क्षेत्र है किसके पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचता है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि वर्तमान बजट सत्र में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की जाए। एक कमेटी का भी गठन किया जाए ताकि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के उद्योग स्थापित किए जाएं।
583 सरकारी कार्यालयों की छतों पर लगे सौर ऊर्जा पैनल
प्रदेश के 583 सरकारी कार्यालयों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए गए हैं। इनकी क्षमता 5504.9 किलोवाट है। विधायक नरेंद्र ठाकुर के सवाल पर ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सौर ऊर्जा संयंत्रों से अब तक 1.24 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन हो चुका है। इससे सरकारी खजाने में 5.87 करोड़ रुपये की बचत हुई है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि करीब 26 करोड़ रुपये की लागत इन संयंत्रों को लगाने पर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है। लोग इसका लाभ उठा सकते हैं।
मनरेगा में जेसीबी का इस्तेमाल नहीं
ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा है कि मनरेगा के तहत जेसीबी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। बाहरी राज्यों के मजदूरों से भी मनरेगा के काम नहीं करवा जा सकते। विधायक विनय कुमार ने संगडाह ब्लाक में इस तरह की गतिविधियों का मामला उठाया। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि अगर किसी कार्य के लिए सांसद निधि आई हो तो जेसीबी और बाहरी मजदूरों का सहयोग लिया जा सकता है। उन्होंने विधायक को ऐसे स्थानों की सूची देने को कहा जहां नियमों की अवहेलना हो रही है।
रेणुका बांध परियोजना का सामाजिक प्रभाव आकलन करने का नहीं प्रस्ताव: सुखराम
ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने बताया है कि रेणुका बांध परियोजना के निर्माण के लिए वर्ष 2016 में वन अनुसंधान संस्थान देहरादून के माध्यम से सामाजिक प्रभाव आकलन करवाया गया था। इस आकलन को दोबारा करवाने संबंधी अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। विधायक विनय कुमार के सवाल का लिखित जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि न्यायालय की ओर से तय किए गए 521 मामलों से से 229 मामलों में देय राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष 292 मामलों में भुगतान केंद्र सरकार से धनराशि प्राप्त होने के बाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी विस्थापितों के पुनर्वास के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना निर्माण में 259 परिवारों की पहचान विस्थापित परिवारों के रूप में की गई है।