आईजीएमसी में होगा 500 मरीजों का गुर्दा प्रत्यारोपण, हिमाचल में 1200 लोग इस बीमारी से पीड़ित
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स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने सदन में कहा कि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल में 500 मरीजों का गुर्दा प्रत्यारोपण (किडनी ट्रांसप्लांट) किया जाएगा। सरकार मुख्यमंत्री राहत कोष से गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज कराएगी। आयुष्मान और हिमाचल सरकार की हिम केयर स्वास्थ्य योजना में भी इस बीमारी को शामिल किया जाएगा। परमार ने कहा कि हिमाचल में इस बीमारी से 1200 लोग पीड़ित हैं।
गुर्दे की बीमारी का मुख्य कारण उच्च रक्तचाप और मधुमेह है। ज्यादा दवाइयां खाने से भी गुर्दे पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि गुर्दा प्रत्यारोपण की औपचारिकताएं बहुत हैं। ऐसे में इन सभी औपचारिकताओं को अस्पताल में ही पूरा किया जाएगा। डोनर और मरीज के गुर्दे का मिलान, शपथ पत्र, बयान आदि सभी अस्पताल में होंगे। ऑपरेशन के लिए 17 डॉक्टरों की टीम है।
12 अगस्त को किए हैं दो सफल ऑपरेशन
परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट सत्र में गुर्दा प्रत्यारोपण की घोषणा की थी। 12 अगस्त को पहली बार आईजीएमसी में दो सफल ऑपरेशन किए गए हैं। पहला गुर्दा प्रत्यारोपण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली की सात सदस्यीय टीम की देखरेख में हुआ है।
उन्होंने कहा कि डॉ. बंसल का हिमाचल में किए जाने वाले 20 मरीजों के ऑपरेशन में सहयोग लिया जाएगा। वहीं, आईजीएमसी से किडनी डोनर को छुट्टी दे दी गई है जबकि मरीज की हालत भी ठीक है।
हिमाचल के 13 अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत हिमाचल में 13 अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा दी जा रही है। जिला अस्पताल मंडी, शिमला, धर्मशाला, कुल्लू, हमीरपुर, नाहन, ऊना, बिलासपुर, सोलन, चंबा और तीन नागरिक चिकित्सालय पालमपुर, नूरपुर और पावंटा में यह सुविधा है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में दो लेवल तीन ट्रामा सेंटर हैं, इसमें बिलासपुर, कुल्लू अस्पताल शामिल हैं। परमार ने यह जानकारी विधायक रमेश धवाला की ओर से पूछे गए लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।