हिमाचल विधानसभा: रणधीर शर्मा बोले- मात्र कुछ प्रतिशत वेतन की छह माह के लिए कटौती काफी नहीं
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि इस बजट में मुख्यमंत्री के पास मौका था कि वह सही और कड़े फैसले लेते।
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बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए नयना देवी के भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि इस बजट में मुख्यमंत्री के पास मौका था कि वह सही और कड़े फैसले लेते। उन्होंने कहा कि मात्र कुछ प्रतिशत वेतन की छह माह के लिए कटौती काफी नहीं है। बजट में फिजूलखर्ची को रोकने के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। न ही भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कुछ किया गया है। बजट भाषण केवल राजनीतिक था। राजस्व घाटा अनुदान का संविधान में जिक्र नहीं है। सीएम कहते हैं कि रात को उन्हें विचार आया और फिर अधिकारियों को बताया। रात को तो सपने आते हैं।
रणधीर ने कहा कि बाप अपने बेटे को एक उम्र तक ही खर्च देता है। उसके बाद खुद कमाना पड़ता है। बजट में राजस्व प्राप्तियों के घटने की बात है। अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर केवल उतनी है, जितनी जयराम ठाकुर के समय थी। सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ाए जाने की जरूरत है। यह तभी बढ़ेगा, जब हिमाचल में निवेश होगा। सकल घरेलू उत्पाद जितना बढ़ेगा, उसी हिसाब से ऋण लिया जा सकता है। यह निवेश से बढ़ता है। सरकार निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योगपतियों को इंसेंटिव नहीं दे रही है। जो इंसेंटिव पिछली सरकार दे रही थी, उसे भी बंद किया जा रहा है। 2026 तक ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने की बात की गई थी। पर यह पूरी नहीं हुई। कंडाघाट में बजट घोषणा के अनुरूप नशा निवारण केंद्र नहीं खुला।
कानून बनाओ, कर्ज लिया तो 5 साल में लौटाना होगा : राणा
जोगिंद्रनगर से विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए सदन को कानून बनाना चाहिए कि जो भी सरकार कर्ज लेगी, उसे 5 साल में कर्ज लौटाना होगा। जो भी घोषणाएं की जाएंगी, उन्हें पूरी करने की जिम्मेवारी लेनी होगी। दोनों दल एक दूसरे पर कर्ज लेने का ठीकरा फोड़ने रहते हैं। किस सरकार ने कितना कर्ज लिया, इसका पूरा चार्ट विधानसभा में लगवा देना चाहिए।
केंद्र की सेब आयात नीति से सेब आर्थिकी पर संकट : अवस्थी
अर्की से विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि केंद्र सरकार की मुक्त व्यापार नीति के कारण प्रदेश की 5,000 करोड़ की सेब आर्थिकी पर संकट पैदा हो गया है। केंद्र सरकार हिमाचल के बागवानों के हितों की अनदेखी कर रही है। सीमित साधनों के बावजूद मुख्यमंत्री ने बेहतरीन बजट प्रस्तुत किया है। केंद्र सरकार की ओर से आडीजी में कटौती के कारण बजट का आकार घटाना पड़ा है। प्रदेश में आपदा के बावजूद सरकार ने अपने संसाधनों से प्रभावितों को राहत दी।
जल जीवन मिशन के पैसे से बनाए रेस्ट हाउस : ब्राक्टा
रोहडृू से विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने कहा कि भाजपा विधायक प्रकाश राणा दावा कर रहे हैं कि उनके विधानसभा क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता सही नहीं है। पिछली सरकार में जलजीवन मिशन के पैसे से रेस्ट हाउस बना दिए गए, अगर यह पैसा पानी की गुणवत्ता सुधारने में इस्तेमाल किया होता तो विधायक को आज सदन में ऐसी बात न कहनी पड़ती। ब्राक्टा ने कहा कि बजट में विधायक निधि में कटौती पर तो विपक्ष शोर मचा रहा है। लेकिन नाबार्ड में जो सीमा 25 करोड़ बढ़ाई है, उसके लिए आभार नहीं जताया जा रहा।