सदन में मंत्री जवाब देने उठे तो विपक्ष ने कर दिया वाकआउट, स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के बीच भी हुआ हंगामा
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हिमाचल विधानसभा में कोरोना वायरस से उपजी स्थिति पर लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के बीच में ही विपक्ष ने पांच बजे से पहले सदन से वाकआउट कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल को चर्चा के लिए बुलाया तो इसका विपक्ष ने विरोध किया। विपक्ष इस बात पर अड़ा रहा कि अन्य सदस्यों को भी चर्चा में शुमार किया जाए, मगर स्पीकर ने यह बात नहीं मानी। इससे पहले सदन में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के बीच भी विपक्ष ने खूब हंगामा और नारेबाजी की। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आज कांग्रेस सरकार होती तो प्रदेश बर्बाद हो गया होता। सीएम के ऐसा कहते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। मानसून सत्र के दूसरे दिन भी स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के चलते प्रश्नकाल नहीं हो पाया
कांग्रेस अन्यों सदस्यों के चर्चा में शामिल करने पर किए हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह बात पहले ही स्पष्ट कर दी गई है कि मंगलवार को चर्चा पांच बजे तक होगी। बुधवार को प्रश्नकाल से पहले सीएम जयराम ठाकुर इस पर जवाब देंगे। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने विरोध किया। वह इस बात पर अड़े रहे कि स्थगन प्रस्ताव वही लाए हैं तो उन्हें चर्चा में भाग लेने का हक है। विपक्ष के अन्य सदस्य भी खड़े होकर स्वास्थ्य मंत्री को बुलाने का विरोध करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के आग्रह पर भी इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया। इस पर नारेबाजी करते हुए विपक्ष सदन से बाहर चला गया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि विपक्ष का यह व्यवहार निंदनीय है। ढाई घंटे की चर्चा के लिए दो दिन का वक्त दे दिया गया। फिर भी विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने अपना वक्तव्य दिया।
इससे पहले विधानसभा सत्र के दूसरे दिन स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान किन्नौर के कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी की ओर से सरकार के खिलाफ सदन में कहे एक शब्द पर सीएम ने एतराज जताया तो सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक हो र्गई। सीएम ने कहा कि जो शब्द विपक्ष के सदस्य सदन में इस्तेमाल कर रहे हैं, वे सही नहीं हैं। वह कांग्रेस का दौर था, जब हालात खराब थे। प्रदेश आज बर्बाद हो गया होता यदि कांग्रेस की सरकार होती। उन्होंने कहा कि कुछ तो सब्र और शर्म करो। इनको मालूम है कि लॉकडाउन की व्यवस्था पूरे देश के लिए थी। प्रदेश में नियमों के तहत कार्रवाई हुई है। जगत सिंह नेगी विधानसभा अध्यक्ष को बोले कि अगर यह असंसदीय शब्द है तो इसे न लिया जाए, लेकिन यह असंसदीय शब्द नहीं है।
आप क्या चाहते हैं कि मैं तंबू में रहूं : जयराम
विपक्ष के सदस्य की ओर से मुख्यमंत्री पर ओकओवर में ही बैठे रहने का आरोप लगाया गया तो सीएम बोले कि जब लॉकडाउन होगा तो सीएम कहां रहेगा। जयराम बोले - मैं अपने घर पर ही रहूंगा क्या, आप क्या चाहते हैं कि मैं तंबू में रहूं। लॉकडाउन के तहत सरकार ने नियमों का पालन करते हुए तकनीक के माध्यम से काम किया। जो इस प्रदेश के हित में कर सकते थे, वह हमने किया है।
सरकार पांच बजे हाउस को लगाना चाहती है ताला: मुकेश अग्निहोत्री
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने विपक्ष के वाकआउट करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार 5 बजे हाउस को ताला लगाना चाहती है। नियम 67 प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। जब कल सात बजे तक चर्चा हो सकती है तो आज यह चर्चा 7 बजे तक क्यों नहीं हो सकती। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को चर्चा का जवाब देना है तो मंत्री भी कल ही अपनी बात सदन में रखते। सरकार विपक्ष का सामना नहीं कर पा रही। चार सदस्यों सुंदर ठाकुर, सतपाल रायजादा, विक्रमादित्य और पवन काजल ने अपनी बात रखनी थी। स्पीकर ने एक तरफा एलान कर दिया कि अब मंत्री अपना पक्ष रखेंगे।
मुकेश ने अध्यक्ष से कहा कि जब आप सारे मंत्रियों को बुलाएंगे तो विपक्ष के सदस्य कब चर्चा में हिस्सा लेंगे। कुल्लू में कोविड फंड की लूट हुई है और कुल्लू के विधायक ने यह गंभीर मामला उठाना था। विपक्ष ने यह प्रस्ताव लाया है और विपक्ष के चार सदस्यों को पहले बोलने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर ने गंभीर मामला उठाना था कि कोविड फंड के लिए पैसे एकत्र किए। यह धनराशि कहां खर्च की गई है। इसकी विजिलेंस जांच की जाए। एक कैंप लगा है और वहां पर तीस लोगों में कोरोना संक्रमण फैला है।
हम प्रेस के माध्यम से विपक्ष के सदस्य अपनी बात रखेंगे। सब चुनकर आए हैं और सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। विधायक सुंदर ठाकुर ने कहा कि कुल्लू के पूर्व विधायक ने पीएम केयर फंड के नाम पर धन जमा किया है। इसके तीन हिस्से बना दिए। इसकी विजिलेंस जांच की जाए। कैंपों में मजदूरों को संक्रमण फैल रहा है। इस दिशा में बड़ा घपला हो रहा है। पवन काजल ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज एकमात्र कोविंड सेंटर हैं। हिमकेयर कार्ड नहीं चल रहा है। अब इलाज कराने को मरीज कहां जाएं।
वेतन काटने को लेकर हुई पठानिया और सुक्खू में नोकझोंक
चर्चा में शामिल होने के दौरान वन मंत्री राकेश पठानिया और विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू में वेतन कटौती को लेकर नोकझोंक हो गई। पठानिया का कहना था कि इस सदन का हर सदस्य अपना वेतन कटवा कर कोरोना से जंग में योगदान दे रहा है। इसमें किसी का ज्यादा-कम योगदान की बात गलत है। इसपर सुक्खू ने कहा कि सभी सदस्यों का तीस प्रतिशत वेतन कट रहा है जबकि, उन्होंने अपना पूरा वेतन कोरोना से जंग के लिए दे दिया है।
अगर पठानिया को लगता है कि मैं गलत हूं तो वह विधानसभा अध्यक्ष से पता करा लें और उसके बाद मेरे बराबर ही पूरा वेतन कोविड फंड में दे दें। इससे पहले पठानिया ने एक-एक कर कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर जमकर पलटवार किया। कहा कि युद्ध और आपदा में हर नागरिक साथ देता है। 1971 के युद्ध के बाद अटल जी ने इंदिरा गांधी को दुर्गा का रूप बताया था। लेकिन, आज कांग्रेस पार्टी अपनी सियासी नफे के लिए वर्तमान प्रधानमंत्री को लेकर गलतबयानी कर रही है।
आज नैतिकता की दुहाई देने वाली कांग्रेस पार्टी को तब नैतिकता याद नहीं आई जब उनकी पूरी कैबिनेट सुप्रीम कोर्ट के चक्कर काट रही थी। प्रदेश को जब बल्क ड्रग पार्क मिलेगा तो प्रदेश में एक क्रांति आ जाएगी। चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार ने 13 करोड़ खर्च कर प्रदेश के बाहर फंसे लाखों हिमाचलियों को घर पहुंचाया लेकिन, कांग्रेस पार्टी ने किया कुछ नहीं लेकिन 12 करोड़ रुपये का खर्च दिखा दिया।
वहीं, विधायक नंदलाल ने कहा कि कोविड से लड़ाई के दौरान क्वारंटीन केंद्रों की भारी दुर्दशा देखने को मिली है। अस्पतालों में वेंटिलेटर नहीं थे और जब उन्होंने रामपुर के अस्पताल में वेंटिलेटर के लिए अपनी विधायक निधि से पैसा जारी किया तो अगले दिन सरकार ने विधायक निधि सीज कर दी और विधायकों को निहत्था कर दिया। वहीं, विधायक अरुण कुमार ने कहा कि कांग्रेस विधायक घर बैठ गए होंगे लेकिन, हमने लोगों को हर संभव मदद की कोशिश की। राजेंद्र राणा ने कहा कि एमएलए संस्था को जितना कमजोर सरकार ने किया उतना कभी नहीं हुई। कहा कि एमएलए का वेतन काटना गलत नहीं है लेकिन ये सलाह देने वाले क्लास वन और क्लास टू के अधिकारियों का भी कुछ वेतन काटना चाहिए था।
विधायक सुभाष ने उठाया अंशुल आत्महत्या का मामला
स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मंगलवार को विधायक सुभाष ठाकुर ने अंशुल हत्याकांड पर कांग्रेस को घेरा। कहा कि उनके पूर्व विधायक का नाम लेकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली लेकिन, कांग्रेस पाटी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सरकार से मांग की कि वह जल्द मामले की जांच कराए और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करे। कांग्रेस के चालीस नेता गांधी परिवार से बाहर का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के लिए चिट्ठी लिख रहे हैं और बीजेपी में गरीब सामान्य परिवार के बेटे को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया जाता है। कोरोना जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कांग्रेस को सियासत नहीं करनी चाहिए।