टिकटों पर भाजपा का अभी वेट एंड वॉच, कांग्रेस के कुछ बागियों की एंट्री संभव
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प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षण पूरे चुके हैं, लेकिन प्रत्याशी सूची आचार संहिता के बाद ही जारी होने की संभावना है। केंद्रीय नेतृत्व अभी वेट एंड वॉच की पोजिशन में है।
आचार संहिता लागू होने के बाद ही केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में दावेदारों के पैनल पर अंतिम फैसला होगा। सूत्रों की मानें तो आंतरिक सर्वेक्षणों की कड़ी में एक अंतिम रैपिड सर्वेक्षण आचार संहिता लागू के बाद भी करवाया जा सकता है।
कांग्रेस के अंदरूनी घमासान के बाद कुछ बागियों की भाजपा में एंट्री भी हो सकती है, जिसके चलते पार्टी फिलहाल प्रचार पर फोकस कर रही है।
घमासान मचने की आशंका
भाजपा में टिकट को लेकर पार्टी में सैकड़ों दावेदार हैं। औसतन एक सीट से चार से पांच दावेदार होने के चलते प्रत्याशी घोषित होने में देरी से घमासान मचने की आशंका पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल भी जता चुके हैं। प्रदेश नेतृत्व जल्द टिकटों पर निर्णय चाहता है, लेकिन केंद्र रणनीति लिहाज से एक महीना और सस्पेंस बनाए रखेगा।
भाजपा वर्ष 2012 में टिकट वितरण के बाद पनपे असंतोष से सीख लेकर इस बार जल्दबाजी के मूड में नहीं है। चुनाव से ठीक पहले बागी सुरों को पर लगाम कसने का प्लान भी भाजपा नेतृत्व पहले ही तैयार कर चुका है। बगावत के लिहाज से संवेदनशील सीटों का चिन्हीकरण किया जा चुका है।
सर्वेक्षण में कमजोर मिली सीटिंग विधायक वाली सीटें भी चिह्नित हो चुकी हैं। इस बार टिकट आवंटन का पूरा मामला केंद्रीय नेतृत्व के हाथ में है। प्रदेश कोर ग्रुप की मीटिंग के बाद दावेदारों ने अपने संपर्क सूत्र खंगालना शुरू कर दिया है।
पार्टी में प्रत्याशी चयन की अपनी प्रक्रिया है, जिसके तहत दावेदारों के नाम तय किए जाएंगे। केंद्रीय नेतृत्व ही टिकटों पर अंतिम निर्णय लेता है। पहली प्राथमिकता प्रचार अभियान पर है। -सतपाल सिंह सत्ती, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा