निजी स्कूल संघ ने विधानसभा चुनाव में समर्थन के लिए रखी ये शर्त
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विधानसभा चुनाव से ठीक तीन दिन पहले प्रदेश निजी स्कूल संघ ने साफ कर दिया है कि जो भी राजनीतिक दल स्कूल संचालन में आ रही दिक्कतों का समाधान करेगा, उसी को संघ का समर्थन प्राप्त होगा। अन्यथा संघ चुनाव का बहिष्कार करने से भी नहीं हिचकिचाएगा।
संघ का कहना है कि बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को हर साल एफिलिएशन संबंधी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन, किसी भी सरकार ने निजी स्कूलों की दिक्कतों का समाधान नहीं किया। लिहाजा, संचालक स्कूलों के संचालन संबंधी समस्या झेल रहे हैं।
निजी स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश ठाकुर, वरिष्ठ उपप्रधान जगजीत सिंह ठाकुर, महासचिव महेश राणा, रविंद्र सिंह, उपप्रधान मोतीलाल शर्मा, बसंत राणा, सचिव अमोदित सिंह, सुमन ठाकुर के अलावा गवर्निंग बाडी के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को पूरा करने वाले दल को ही संघ अपना समर्थन देगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र की अवधि कम से कम 20 साल की जाए। साथ ही अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र की अवधि भी बढ़ाई जाए। सरकार और बोर्ड से मान्यता प्राप्त नियमों का सरलीकरण करने, पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के सदस्यों के लिए पालिसी बनाने व सदस्यों को बोर्ड मेंबर्स में शामिल करने की मांग अरसे से चल रही है।
निजी स्कूलों को भी मिले सम्मान
संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में निजी स्कूलों की संख्या 3500 से 4000 के करीब है। इनमें 80 फीसदी स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे हैं। इन स्कूलों में तीन लाख बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। संघ की मांग है कि सरकार से मिलने वाली सुविधाएं निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों को भी दी जानी चाहिए। प्रतिस्पर्धा के इस युग में निजी स्कूलों को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए।