नड्डा न धूमल, मुख्यमंत्री के लिए इनका नाम लगभग तय, घोषणा से पहले मंडी में जश्न
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हिमाचल विधानसभा चुनाव में भाजपा के सीएम प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल की हार के दो दिन बाद भी पार्टी नए नाम पर फैसला नहीं ले पाई है। मंडी जिला के सिराज हलके से लगातार पांचवीं बार जीत हासिल करने वाले भाजपा विधायक जयराम ठाकुर का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए लगभग तय माना जा रहा है। जल्द ही इनके नाम की घोषणा हो सकती है।
चुनाव हार चुके सीएम पद के प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा इस दौड़ से बाहर माने जा रहे हैं। सीएम के नाम को लेकर बतौर पर्यवेक्षक भेजे गए केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और नरेंद्र सिंह तोमर ने वीरवार देर शाम शिमला में प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती की अध्यक्षता में
प्रदेश कोर कमेटी के साथ बैठक कर सभी वरिष्ठ नेताओं से आम राय बनाने की कोशिश की। पर्यवेक्षकों ने धूमल, जयराम, राजीव बिंदल, सुरेश भारद्वाज और सत्ती से अकेले में भी वार्ता की। पूरे घटनाक्रम के बीच दिलचस्प यह रहा कि मंडी में जयराम ठाकुर के समर्थकों ने घोषणा से पहले ही
आतिशबाजी और मिठाई बांटकर जश्न मना लिया। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को प्रदेश के चारों सांसदों के साथ भी पर्यवेक्षक बैठक करेंगे। जरूरत महसूस की गई तो पर्यवेक्षक नवनिर्वाचित विधायकों के साथ भी बैठक कर सकते हैं।
ऐसे मजबूत हुई जयराम की दावेदारी
पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के हारने से उनकी दावेदारी कमजोर हुई है जबकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को केंद्र से भेजने पर सहमति नहीं बन रही। ऐसे में जयराम ठाकुर की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
माहौल में दिखा तनाव और उत्साह
राजधानी शिमला में शाम साढ़े चार बजे दोनों पर्यवेक्षकों और प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय के पहुंचते ही माहौल में तनाव और उत्साह दिखने लगा। धूमल और जयराम समर्थकों के बीच शक्ति प्रदर्शन के साथ पर्यवेक्षकों का स्वागत हुआ।
पर्यवेक्षकों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया, जिसके बाद कोर कमेटी की बैठक शुरू हुई। बैठक में धूमल, सांसद रामस्वरूप, सत्ती, विधायक विपिन परमार, जयराम ठाकुर, राजीव बिंदल और सुरेश भारद्वाज सहित प्रदेश महामंत्री मौजूद रहे। पर्यवेक्षकों ने केंद्र से सुझाए नामों से अवगत करवाया।
मुझे कभी सीएम पद की दौड़ नहीं लगानी पड़ी : धूमल
इसके बाद नेताओं को उनका पक्ष रखने के लिए समय दिया। धूमल ने पर्यवेक्षकों के साथ अलग से वार्ता की और सबसे पहले बैठक से बाहर निकले। सूत्रों ने बताया कि विधायक राजीव बिंदल, सुरेश भारद्वाज, विपिन परमार का मन भी पर्यवेक्षकों ने टटोला।
वहीं, जयराम के बाहर निकलते ही उनके समर्थकों ने मुख्यमंत्री जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। कोर कमेटी की बैठक के बाद पर्यवेक्षकों और प्रदेश प्रभारी ने बैठक की।
पर्यवेक्षकों के साथ अकेले में मुलाकात के बाद धूमल ने कहा कि उन्हें कभी भी सीएम पद के लिए दौड़ नहीं लगानी पड़ी। इस बार मुख्यमंत्री की दौड़ में होने के सवाल पर धूमल बोले कि यह निर्णय केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। मैंने अपनी राय पर्यवेक्षकों के सामने रख दी है। उन्होंने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि समर्थक मुझे इतना प्यार करते हैं।
बैठक में कब क्या हुआ
4:50 बजे : धूमल के पहुंचते ही समर्थकों की नारेबाजी, जयराम समर्थकों ने भी लगाए नारे
5:30 बजे : पर्यवेक्षकों, प्रदेश अध्यक्ष सत्ती, धूमल, पांडेय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया
6:00 बजे : कोर कमेटी की बैठक शुरू हुई। विधायकों से सीएम चयन पर मांगे सुझाव
7:00 बजे : पर्यवेक्षकों ने वरिष्ठ नेताओं को अकेले में वार्ता के लिए आमंत्रित किया
7:30 बजे : धूमल बैठक से बाहर निकले, बोले - केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा सीएम चेहरा
रात 9:30 बजे : जयराम, सत्ती, बिंदल, सुरेश और विपिन परमार से मुलाकात खत्म
धूमल के हारने पर ये सीतारमण बोलीं
मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले जयराम ठाकुर, प्रेम कुमार धूमल और सुरेश भारद्वाज समर्थकों ने जमकर शक्ति प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं की अपने खेमों के पक्ष में नारेबाजी के बीच पर्यवेक्षकों निर्मला सीतारमण, नरेंद्र तोमर, प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय, प्रदेश सतपाल सत्ती, पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल ने संबोधन दिया।
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि धूमल की हार बड़ी क्षति है। इतनी खुशी की घड़ी में भी हम खुश नहीं हो पा रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं के संबोधन के बीच भी समर्थक अपने नेताओं को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नारेबाजी करते रहे।
निर्मला ने कहा कि यह पार्टी की बड़ी जीत है। इसके लिए सभी कार्यकर्ताओं की मेहनत काम आई। मुख्यमंत्री का चयन पार्लियामेंट्री बोर्ड करता है। पर्यवेक्षक केवल विधायकों से उनकी सहमति और राय जानने के लिए आए हैं। अंतिम निर्णय बोर्ड का होगी।
मंत्री नरेंद्र तोमर ने भी जीत के लिए सबका आभार जताया। मंगल पांडेय ने कहा कि चुनावों के लिए पार्टी ने जिस तरह एकजुटता दिखाई उससे हम 44 सीटें जीते हैं। कुछ सीटों पर हार का हमको दुख है और यह आत्मचिंतन का विषय भी है।
धूमल ने कहा कि प्रदेश को भाजपा का कुशल नेतृत्व मिला है, जिसके लिए मतदाताओं का आभार है। उन्होंने कहा कि जीत पर खुशी और हारी सीटों पर मंथन होता है, जिससे हम भविष्य में और बेहतर परिणाम दे सकें। सत्ती ने कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
मुख्यमंत्री के चयन पर ये बोले जयराम ठाकुर
धूमल से उनको आशीर्वाद मिलने के सवाल पर वे केवल मुस्कराए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चयन पार्टी की प्रक्रिया के तहत होता है, जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
भारद्वाज का नाम सीएम रेस में शामिल
पहली बार सुरेश भारद्वाज का नाम भी मुख्यमंत्री पद के लिए शामिल करने को लेकर उनके समर्थकों की ओर से दबाव बनाया गया। भारद्वाज समर्थक भी जीते विधायक से मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में थे। उन्होंने जयराम और धूमल समर्थकों के बीच एक दूसरे पर नारों से पछाड़ने की रणनीति में भारद्वाज के पक्ष में नारे लगाने शुरू कर दिए। नोकझोंक तक की स्थिति भी बनी, लेकिन वरिष्ठ नेताओं ने इसको संभाल लिया। हालांकि, भारद्वाज ने पहले ही साफ कर दिया है कि जो केंद्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा, वही अंतिम माना जाएगा।
शपथ ग्रहण समारोह जल्द, मोदी शाह आएंगे
पर्यवेक्षकों के साथ मुलाकात के बाद प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा केंद्रीय नेतृत्व करेगा। अभी नाम फाइनल नहीं हुआ है।
शपथ ग्रहण समारोह जल्द होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आएंगे। इसके अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और गठबंधन राज्यों सरकारों के सीएम को भी निमंत्रण दिया जाएगा।
सीएम के नाम पर पर्यवेक्षकों ने सबके साथ और अलग अलग से नेताओं के साथ बैठक की है। शुक्रवार को सभी सांसदों के साथ बैठक होगी। इसके अलावा अगर कोई विधायक अपनी बात रखना चाहे तो रख सकता है।