हिमाचल विधानसभा बजट सत्र: पीएम सड़क योजना में 463 सड़कें स्वीकृत, खरीदी गईं 50 इलेक्ट्रिक बसें
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हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम ने बीते 3 साल में 50 इलेक्ट्रिक बसें और 3 टेंपो ट्रैवलर की खरीद की है। इलेक्ट्रिक बसें स्थानीय क्षेत्र ढली के लिए आवंटित की गई हैं। तीन टेंपो ट्रैवलर केलांग क्षेत्र के लिए आवंटित हुए हैं। परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने यह जानकारी विधायक मोहनलाल ब्राक्टा के लिखित प्रश्न के उत्तर में विधानसभा में दी। कहा कि रोहड़ू में 8 बसों की कमी है। रोहड़ू से दिल्ली के लिए वॉल्वो बस सेवा चलाने का कोई विचार नहीं है। निगम में 640 पद चालकों और 799 पद परिचालकों के खाली हैं। चालकों के 400 और परिचालकों के 568 पद भरने की प्रक्रिया चल रही है।
तीन सालों में 463 सड़कें स्वीकृत
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत तीन सालों में प्रदेश में 463 सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इनकी लंबाई 3471.951 किलोमीटर है। इनके निर्माण के लिए 229302.45 लाख की राशि स्वीकृत हुई है। मुख्यमंत्री जयराम ने यह जानकारी हमीरपुर के विधायक नरेंद्र ठाकुर के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में 5 से 6 सड़कों का निर्माण होना है।
460 किलोमीटर सड़क का कार्य पूरा
शिमला। बीते तीन सालों में लोक निर्माण विभाग ने मंडलों को 689838.50 लाख की धनराशि आवंटित की है। इस अवधि में 50 लाख और इससे ऊपर की कुल 460 सड़कों का कार्य पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री जयराम ने यह जानकारी विधायक रमेश ध्वाला के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
जीवनधारा योजना से लाभान्वित हो रहे दुर्गम क्षेत्र के लोग
जीवनधारा योजना से हिमाचल प्रदेश के दुर्गम एवं गैर सेवा वाले क्षेत्रों में लोग लाभान्वित हो रहे हैं। योजना के तहत लोगों की बीमारियों की स्क्रीनिंग और उपचार किया जाता है। इसके लिए केंद्र सरकार की 90 और प्रदेश सरकार की 10 फीसदी भागीदारी है। स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने यह जानकारी विधायक रामलाल ठाकुर के लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि 18 नवंबर, 2020 से 15 फरवरी 2021 तक 9833 टेस्ट मुफ्त किए गए हैं। 1,76,480 दवाइयां मुफ्त वितरित की गई हैं।
निजी बैंकों में ग्रामीण विकास और उच्च शिक्षा विभागों का सबसे ज्यादा पैसा जमा
निजी बैंकों में हिमाचल ग्रामीण विकास विभाग के 220.19 करोड़ और उच्च शिक्षा विभाग के 153.61 करोड़ रुपये यानी सबसे ज्यादा पैसे जमा हैं। इनके अलावा निगमों-बोर्डों में भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड का सर्वाधिक जमा है। हिमाचल प्रदेश में निजी बैंकों में विभागों और निगमों-बोर्डों के 1484.65 करोड़ रुपये जमा हैं। विभागों के इन बैंकों में 814.70 करोड़ और निगमों-बोर्डों के 669.95 करोड़ जमा किए गए हैं। प्रश्नकाल में यह जानकारी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दी है।
कृषि विभाग के 54.69, पशुपालन विभाग के 7.45 करोड़, आयुर्वेद विभाग के 47.75 करोड़, निर्वाचन विभाग के 1.83 करोड़, प्रारंभिक शिक्षा विभाग के 31.92 करोड़, ऊर्जा विभाग के 57 लाख, मत्स्य विभाग के 10.11 करोड़, खाद्य आपूर्ति विभाग के 11.50 करोड़, वन विभाग के 6.39 करोड़, स्वास्थ्य विभाग के 15.08 करोड़, उच्च शिक्षा विभाग के 153.61 करोड़, उद्यान विभाग के 24.82 करोड़, ग्रामीण विकास विभाग के 220.19 करोड़ जमा हैं। निगमों-बोर्डों में हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड के 212.48 करोड़, अधोसंरचना विकास बोर्ड के 122.34 करोड़, राज्य प्रदूषण बोर्ड के 23.62 करोड़, कृषि विपणन बोर्ड के 80.98 करोड़ और नगर निगम शिमला के 33.32 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।
4408 लाभार्थियों को 96.03 करोड़ रुपये के ऋण वितरित : सरवीण
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम ने अब तक प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदायों के 2763 लाभार्थियों को 54.90 करोड़ रुपये के टर्म और शिक्षा ऋण वितरित किए हैं। निगम ने 1645 विशेष रूप से सक्षम लोगों को 41.13 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए हैं। इस प्रकार, निगम के गठन से लेकर प्रदेश के 4408 लाभार्थियों को 96.03 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए हैं। मंत्री सरवीण चौधरी ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश अल्पसंख्यक वित्त और विकास निगम निदेशक मंडल की 45वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी।
उन्होंने अधिकारियों से प्रदेश के अल्पसंख्यक वर्गों जैसे मुसलमान, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई और सिखों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं के सफल कार्यान्वयन की दिशा में हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम के लक्ष्य को पूरा करते हुए 128 लाभार्थियों को 601.15 लाख रुपये के ऋण वितरित किए गए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय गुप्ता, निदेशक कृतिका कुलहरी, विशेष सचिव वित्त राकेश कंवर, कंपनी सचिव कंवल अरोड़ा, प्रबंधक सीएल शर्मा मौजूद रहे।