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हिमाचल विधानसभा बजट सत्र: सीएम जयराम बोले- आंदोलन कर सरकार पर दबाव बनाना उचित नहीं
Thu, 03 Mar 2022 10:11 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 03 Mar 2022 10:11 PM IST
सार
विधानसभा सदन में सीएम जयराम ने कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम व कर्मचारियों की अन्य मांगों का समाधान करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। सरकार अपने वित्तीय संसाधन देखेगी, उसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा सदन में विपक्ष की ओर से नारेबाजी और वाकआउट करने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में कहा कि कर्मचारियों की ओर से आंदोलन कर सरकार पर दबाव बनाना उचित नहीं है। ओल्ड पेंशन स्कीम व कर्मचारियों की अन्य मांगों का समाधान करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। सरकार अपने वित्तीय संसाधन देखेगी, उसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि पंजाब पे स्केल आने के बाद हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों के लिए वह सब कुछ किया है - जो संभव था। प्रदेश में जब न्यू पेंशन स्कीम लागू की गई, उस समय कांग्रेस सत्ता में थी। वीरभद्र सिंह उस समय मुख्यमंत्री थे। हिमाचल में बिना तर्क दिए इसे स्वीकार किया गया। राजस्थान में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की घोषणा की गई है। यह संभव होगा या नहीं, कब लागू की जाएगी - यह बड़ा सवाल है।
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उन्होंने कहा कि विपक्ष का वाकआउट करना रस्मी कार्य बन गया है। राज्यपाल के अभिभाषण पर भी बोलने के लिए प्रतिस्पर्धा साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि हिमाचल में 9 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ये सोच रहे हैं कि इस तरह के हथकंडे अपनाने से सत्ता में आ जाएंगे। जहां तक कर्मचारियों का सवाल है, उनका सरकार के खिलाफ चलाना उचित नहीं है। इसके लिए नियम व कानून बने हैं। सरकार कर्मचारियों की हितैषी है। शांतिपूर्ण ढंग से उन्हें बात करनी चाहिए।
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कांग्रेस में नेतृत्व का संकट, सीपीआईएम को दी लीडरशिप
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व का संकट है। अब इन्होंने सीपीआईएम को लीडरशिप दे दी है। अब कांग्रेस ही आउटसोर्स होने वाली है। दरअसल, स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार होने पर विपक्ष के साथ माकपा विधायक राकेश सिंघा भी नारेबाजी कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीपीआईएम वाले इन्हें बता रहे थे कि कैसे नारेबाजी करनी है। मुख्यमंत्री बोले - सदन छोड़कर विपक्ष ने बहुत बड़ा काम नहीं किया है।
कर्मचारियों के मसले को लेकर कांग्रेस और माकपा एक : मुकेश
वहीं, विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के ओल्ड पेंशन स्कीम के मामले को लटकाने के लिए कमेटी का गठन किया है। भाजपा सरकार को 6 से 7 महीने के भीतर जाना है। कांग्रेस पार्टी ने कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने का वायदा किया है। पार्टी कर्मचारियों की हितैषी है। सत्ता में आने पर कांग्रेस पार्टी ओल्ड पेंशन को बहाल करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की मशीनरी ठप हो गई है। कर्मचारियों के मसले को लेकर कांग्रेस और माकपा एक है। कर्मचारियों ने हिमाचल को यहां तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। अब कर्मचारियों के ऊपर डंडे बरसाए जा रहे हैं। उन्हें विधानसभा तक आने नहीं दिया जा रहा है। ओल्ड पेंशन को लेकर कर्मचारियों को डराया व धमकाया जा रहा है, ऊपर से अब सरकार छाती दिखा रही है। मुख्यमंत्री कह रहे है कि कुछ कर्मचारी बात करने आ सकते हैं। चार साल तक कुछ किया नहीं, अब इस तरह की ब्यानबाजी हो रही है। धर्मशाला में भी लोग प्रदर्शन करने आए थे। अब विधानसभा शिमला में भी कर्मचारी प्रदर्शन पर है। मुख्यमंत्री बार बार झूठ बोल रहे हैं। उनसे सरकार संभल नहीं रही है। ऊपर से विपक्ष पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ब्यान, शिलान्यास और घोषणाओं की सरकार है। धरना प्रदर्शन से कर्मचारियों को हटाने के लिए पूरी फोर्स लगा दी है।