हिमाचल विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: पांच बैठकों में 27:30 घंटे चली सदन की कार्यवाही
हिमाचल प्रदेश विधानसभा बुधवार को शीत सत्र की अंतिम बैठक की समाप्ति के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। शीतकालीन सत्र 10 दिसंबर से आरंभ हुआ था। सत्र के दौरान कुल पांच बैठकें आयोजित की गईं। 14 दिसंबर का एक दिन गैर-सरकारी कार्य दिवस के लिए निर्धारित किया गया था। यह जानकारी विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार में सत्र के समापन पर दी।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा बुधवार को शीत सत्र की अंतिम बैठक की समाप्ति के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। 13वीं विधानसभा का तेरहवां सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। शीतकालीन सत्र 10 दिसंबर से आरंभ हुआ था। सत्र के दौरान कुल पांच बैठकें आयोजित की गईं। 14 दिसंबर का एक दिन गैर-सरकारी कार्य दिवस के लिए निर्धारित किया गया था। यह जानकारी विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार में सत्र के समापन पर दी। उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही 27 घंटे 30 मिनट चली। 13 दिसंबर सोमवार के दिन सदन की कार्यवाही रात के 9:15 बजे तक चलती रही, जो अपने आप में एक कीर्तिमान है और सदस्यों की सदन के प्रति निष्ठा तथा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कोरोना महामारी के चलते सत्र का आयोजन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार के बहुमूल्य सहयोग से ही यह संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि इस सत्र के दौरान कुल 281 तारांकित तथा 138 अतारांकित प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार द्वारा उत्तर उपलब्ध करवाए गए। नियम-61 के अंतर्गत 1 विषय, नियम-62 के अंतर्गत पांच विषयों और नियम-130 के अंतर्गत सात प्रस्तावों पर सदस्यों ने सार्थक चर्चा की। इसके अलावा नियम-101 के अंतर्गत तीन गैर-सरकारी संकल्प प्रस्तुत हुए और एक संकल्प सदन में पिछले सत्र में प्रस्तुत हुआ था, जिस पर मंत्री ने सदन में उत्तर दिया।
इस सत्र में प्रस्तुत संकल्प पर अगले सत्र में चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सत्र में पांच सरकारी विधेयक भी सभा में पुर:स्थापित किए गए और उन पर सार्थक चर्चा हुई। सदन में तीन विधेयक पर सदस्यों से संशोधन भी प्राप्त हुए। इन पर चर्चा के बाद विधेयक को सदन द्वारा पारित किया गया। नियम-324 के अंतर्गत विशेष उल्लेख के माध्यम से 13 विषय सभा में उठाए गए। सभा की समितियों ने भी 22 प्रतिवेदन सभा में प्रस्तुत किए।
उन्होंने बताया कि इस सत्र के दौरान पहले दिन जहां सदस्यों ने हेलिकॉप्टर क्रैश में दुखद निधन पर सीडीएस विपिन सिंह रावत उनकी धर्मपत्नी मधुलेखा रावत और 12 अन्य सैन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को भी सदन में श्रद्धांजलि दी गई। इसके अतिरिक्त पिछले सत्र से इस सत्र के बीच पूर्व मंत्री जीएस बाली, पूर्व सदस्य डॉ. शिव कुमार तथा बोध राज का निधन हुआ था।