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कोरोना मैपिंग ड्यूटी के लिए मेडिकल किट न मिलने से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता नाराज
Thu, 02 Apr 2020 04:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 02 Apr 2020 04:46 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : ANI
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन संबंधित सीटू ने कोरोना मैपिंग ड्यूटी के लिए मेडिकल किट न मिलने पर नाराजगी जताई है। राज्य अध्यक्ष नीलम जसवाल और महासचिव राजकुमार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर यह समस्या दूर करने की मांग की है।
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कहा कि सिरमौर, ऊना सहित अन्य जिलों में आंगनबाड़ी वर्करों की सेवाएं लेने की अधिसूचना जारी हो गई है। इस आपातकालीन स्थिति में वर्करों की सेहत व परिवार का ख्याल रखना भी आईसीडीएस विभाग व सरकार की जिम्मेदारी है। खेद का विषय है कि सरकार व विभाग पुरानी परंपरा के अनुसार ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भेदभाव जारी रखे हुए हैं।
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आंगनबाड़ी वर्कर्स को कार्य करने के लिए बाध्य तो किया जा रहा है, लेकिन उनकी सेहत से खिलवाड़ जारी है। उन्हें सरकार की ओर से कोई मेडिकल किट उपलब्ध नहीं करवाई गई है। उन्हें कोरोना से निपटने के कार्य में लगे अन्य कर्मचारियों की तरह बीमा सुविधा भी उपलब्ध नहीं करवाई गई है। इस कार्य को करने के लिए सरकार की ओर से कोई उचित दैनिक आर्थिक मदद अथवा दैनिक भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है।
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यूनियन ने सरकार से मांग की कि कोविड-19 मइक्रोप्लानिंग अथवा कोरोना मैपिंग ड्यूटी करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उचित आधुनिक मेडिकल किट उपलब्ध करवाई जाए। ड्यूटी करने पर 100 रुपये के बजाय 300 रुपये दैनिक भत्ता दिया जाए। स्वास्थ्य कर्मियों व आशा की तर्ज पर उनका भी 50 लाख रुपये का बीमा किया जाए।