Himachal: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का अब पांच साल के लिए निशुल्क पंजीकरण, नवीनीकरण करवाने की प्रक्रिया में बदलाव
महिला एवं बाल विकास निदेशालय की ओर से करीब 19 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्कर्स के लिए यह राहत की बात है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आंगनबाड़ी केंद्रों में वर्कर्स का पंजीकरण एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के तहत अब एक साल के लिए नहीं बल्कि पांच साल के लिए होगा। महिला एवं बाल विकास निदेशालय की ओर से करीब 19 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों की वर्कर्स के लिए यह राहत की बात है। जहां पहले 100 रुपये वार्षिक शुल्क पंजीकरण के लिए चुकता करना पड़ता था। इस बार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने पंजीकरण को निशुल्क कर दिया है। इतना ही नहीं बल्कि नवीनीकरण करवाने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।
इसके लिए भी किसी भी प्रकार का कोई पंजीकरण शुल्क चुकता नहीं करना पड़ेगा। यह तमाम प्रक्रिया एफएसएसएआई के पोर्टल पर उपलब्ध है। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के मेडिकल सर्टिफिकेट सहित अन्य दस्तावेज अपलोड करने के बाद पंजीकरण हो पाएगा। बिना पंजीकरण के कोई भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र में बच्चों को किसी भी प्रकार के खान-पान से संबंधित वस्तु का उपभोग नहीं कर पाएगी। अगर ऐसा करते हुए कोई कार्यकर्ता पाई गई तो बिना पंजीकरण आंगनबाड़ी का संचालन करने वाले कर्मी का मानदेय तक बंद कर दिया जाएगा और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा।
गैर व्यावसायिक श्रेणी में शामिल आंगनबाड़ी कर्मी के लिए एफएसएसएआई के नियमों के तहत फूड लाइसेंस का पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। कोई भी गैर पंजीकृत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता न तो खाना बना सकेगी और न ही बच्चों को परोस सकेगी। बेहतर स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में मंत्रालय ने यह पहल की है। बाल विकास योजना अधिकारी ऊना शिव कुमार वर्मा का कहना है कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों में अब एक साल की बजाय पांच साल के लिए पंजीकरण होगा और पुराने लाइसेंस का नवीकरण भी मुफ्त होगा। इसमें किसी भी प्रकार का कोई भी शुल्क आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नहीं देना होगा। सभी का पंजीकरण एफएसएसएआई के तहत करवाना अनिवार्य किया गया है। नियमों की अवहेलना करने पर मानदेय बंद कर दिया जाएगा।