हिमाचल प्रदेश: एम्स बिलासपुर में AI आधारित ईसीजी शुरू, गोल्डन ऑवर में तेजी से शुरू हो सकेगा उपचार
एम्स बिलासपुर में एआई आधारित कार्डिया 12 एल ईसीजी सिस्टम की स्थापना की गई है। यूएसएफडीए से प्रमाणित यह तकनीक हृदय रोगों के सटीक और त्वरित निदान में अहम भूमिका निभाएगी। पढ़ें पूरी खबर...
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कार्डिया 12 एल ईसीजी सिस्टम की स्थापना की गई है। इसके साथ ही एम्स बिलासपुर देश का पहला केंद्रीय सरकारी अस्पताल बन गया है, जहां इस अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू हुआ है।
कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) के नेतृत्व में की गई यह पहल न केवल हिमाचल, बल्कि पूरे देश के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक नई दिशा तय करती है। यूएसएफडीए से प्रमाणित यह तकनीक हृदय रोगों के सटीक और त्वरित निदान में अहम भूमिका निभाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक या गंभीर हृदय रोगों के मामलों में शुरुआती एक घंटा, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है, सबसे महत्वपूर्ण होता है। अब तक इस तरह की अत्याधुनिक एआई आधारित तकनीक केवल बड़े महानगरों के निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध थी। एम्स बिलासपुर में इसकी शुरुआत से अब आम और गरीब वर्ग के मरीज भी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
एआई आधारित ईसीजी सिस्टम के जरिए मरीज की स्थिति का तुरंत आकलन,ऑटोमेटेड रिपोर्ट और डॉक्टरों को तत्काल निर्णय लेने में सहायता मिलने से उपचार में देरी नहीं होगी। इससे मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी और गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। दिल की सूक्ष्म समस्याओं का भी समय रहते पता चल सकेगा। मशीन को आसानी से वार्ड, आईसीयू, ओपीडी या बेडसाइड तक ले जाया जा सकेगा। मरीज का पूरा डेटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा, जिससे भविष्य में इलाज आसान होगा।