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विपक्ष के हंगामे के बीच उच्चतर शिक्षा परिषद बिल पास

Sun, 16 Dec 2018 11:48 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 16 Dec 2018 11:48 AM IST
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higher education council bill passed Between the Opposition's ruckus in himachal assembly

विपक्ष के हंगामे के बीच उच्चतर शिक्षा परिषद बिल शीत सत्र के अंतिम दिन पास हो गया। परिषद के पहले अध्यक्ष की नियुक्ति सरकार करेगी, जबकि इसके बाद चयन सेलेक्ट कमेटी के माध्यम से किया जाएगा।

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हिमाचल प्रदेश उच्चतर शिक्षा परिषद में अध्यक्ष के चयन में नेता प्रतिपक्ष की अहम भूमिका रहेगी, क्योंकि परिषद की तीन सदस्यीय सेलेक्ट कमेटी में मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ नेता प्रतिपक्ष को रखा गया है।
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यह कमेटी मुख्य शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली दो प्रख्यात शिक्षाविदों की सलाहकार समिति की सिफारिश पर अध्यक्ष का चयन करेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार ने इसे स्वायत्त संस्था बनाने के लिए यह बिल पेश किया है। 

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उच्चतर शिक्षा परिषद बिल कॉपी-पेस्ट : सिंघा

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उच्चतर शिक्षा परिषद बिल पर चर्चा के दौरान ठियोग के विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि यूजीसी जैसी संस्थाएं देश में उच्चतर शिक्षा के लिए काम कर रही हैं। ऐसे में इस परिषद के गठन का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने कहा कि बिल को कॉपी-पेस्ट से बनाया गया है। इससे अच्छा बिल तो केजी का बच्चा भी बना लेता है। वहीं सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने परिषद की बैठक छह माह की वजाए तीन माह में करने और विधायक जगत सिंह नेगी बिल को सलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग की। 

परिषद में निजी विवि नहीं किए शामिल : सुक्खू 

higher education council bill passed Between the Opposition's ruckus in himachal assembly

 सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में 12 निजी विवि संचालित हो रहे हैं। परिषद में उन्हें शामिल नहीं किया गया है। वहीं, उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थतियों को देखते हुए परिषद की बैठक छह माह में एक बार करना उचित नहीं है। बैठक तीन में होनी चाहिए। 

जगत सिंह नेगी ने परिषद के गठन के बहाने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार के ही कई मंत्री जब विपक्ष में थे, तो बोर्ड-निगमों में नियुक्तियों पर सवाल उठाते थे।

लेकिन, वर्तमान जयराम सरकार के राम राज्य में सरकार ने पुराने बोर्डोें और निगमों में अध्यक्षों और उपाध्यक्षों की नियुक्तियां कर दी हैं। अब नए बोर्ड-निगम गठित कर सरकार का खर्च और बढ़ाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिषद का गठन कर विभाग को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। 

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