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वृद्घ आश्रम बनाने में देरी पर हाईकोर्ट सख्त
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 12 Aug 2014 07:31 PM IST
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प्रदेश हाई कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व को आदेश दिए हैं कि वृद्ध आश्रम भवन बनाने किए लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को चार सप्ताह की अवधि के दौरान पूरा करें।
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हाईकोर्ट को राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि वृद्ध आश्रम के निर्माण के लिए रामपुर में 0.09 हेक्टेयर भूमि लीज पर आवंटित करने के लिए जिलाधीश शिमला ने यह मामला उपमंडल अधिकारी को भेजा है।
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अदालत को बताया गया कि वृद्ध आश्रम के निर्माण के लिए राज्य सरकार गंभीर है। अदालत ने जन कल्याण संस्था रामपुर बुशहर के पत्र पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) जिलाधीश शिमला और निदेशक कल्याण विभाग को इसके निर्देश दिए।
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इसमें आदेश दिए थे कि वे इस मामले में तीन माह के भीतर वांछित कार्यवाही करें और इस बारे शपथ पत्र के माध्यम से अदालत को अवगत करवाएं। प्रार्थी संस्था ने पत्र में आरोप लगाया है कि सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी राज्य सरकार वृद्ध आश्रम बनाने के लिए लीज पर जमीन देने के लिए पिछले 17 वर्षों से मामले को लटका रही है।
आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार की ओर से बाहरी राज्यों की कंपनियों के लिए कई बीघा जमीन लीज पर दी जाती है, परंतु अपने राज्य के बेसहारा वृद्धों के लिए डेढ़ बीघा जमीन नहीं दे रही है।