बहुचर्चित सिया हत्याकांड: अदालत ने विकास को दोषी करार दिया, सजा पर फैसला 13 अप्रैल को
तीन माह तक चले ट्रायल में नौ गवाहों के बयान, हत्या में इस्तेमाल दराट की बरामदगी और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य रहे। अदालत ने इन साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर विकास को दोषी ठहराया। सजा पर फैसला 13 नवंबर को होगा।
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बहुचर्चित सिया हत्याकांड में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरकाघाट की अदालत ने शुक्रवार को आरोपी विकास पटियाल को दोषी करार दे दिया। तीन माह तक चले ट्रायल में नौ गवाहों के बयान, हत्या में इस्तेमाल दराट की बरामदगी और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण साक्ष्य रहे। अदालत ने इन साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर विकास को दोषी ठहराया। सजा पर फैसला 13 नवंबर को होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, बीते 13 अप्रैल को विकास ने दराट से हमला कर सिया गुलेरिया की सरेराह हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में मौके पर मौजूद चार गवाहों की गवाही महत्वपूर्ण रही। इसके अलावा सिया की चीखें सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने आरोपी को घटनास्थल से जाते हुए देखने के संबंध में भी बयान दिए। हथियार की बरामदगी और उस पर मिले खून के निशान व आरोपी के स्वेटर पर मिले खून मिलान फॉरेंसिक रिपोर्ट अभियोजन पक्ष में अहम रहे।
यह है मामला
अदालत में फॉरेंसिक रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। इस मामले में ट्रायल 30 जुलाई को शुरू हुआ था। उप न्यायवादी राजीव शर्मा ने बताया कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर करीब तीन माह तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने शुक्रवार को आरोपी को दोषी करार दिया। अब 13 नवंबर को सजा पर फैसला सुनाया जाएगा। 13 अप्रैल 2026 को सरकाघाट के नैण की रहने वाली सिया गुलेरिया (19) की गोपालपुर के भैंजी चौक के पास हत्या कर दी गई थी। वह सरकाघाट कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। सिया उस समय कॉलेज जा रही थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने जांच के बाद मामले में 200 से अधिक पन्नों का चालान अदालत में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से 41 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए।