{"_id":"62264249f976b42c1230d7ef","slug":"high-court-take-action-shimla-news-sml401848414","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने उपायुक्त समेत चार अधिकारी किए तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट ने उपायुक्त समेत चार अधिकारी किए तलब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोर्ट के आदेशों की पालना न करने का मामला, कुष्ठ गृह में सुविधाएं न देने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने आदेशों की अनुपालना न होने पर सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के सचिव, निदेशक स्वास्थ्य, उपायुक्त शिमला और जिला कल्याण अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने उन्हें यह स्पष्ट करने को कहा है कि कुष्ठ कालोनी फ ागली शिमला में स्थित कुष्ठ गृह के निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत संबंधित आदेशों की अनुपालना क्यों नहीं की जा रही है। 7 जनवरी 2022 को पारित आदेशों के तहत हाईकोर्ट ने फ ागली स्थित कुष्ठ गृह में मूलभूत सुविधाओं की कमी से जुड़े मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने उपायुक्त शिमला को कुष्ठ कालोनी फ ागली स्थित कुष्ठ रोग गृह का निरीक्षण करने और चार सप्ताह की अवधि के भीतर आवश्यक मरम्मत कार्य करने के आदेश दिए थे।
मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफ ीक और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने यह आदेश नीरज शाश्वत द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के पश्चात पारित किए। याचिका में आरोप लगाया है कि लगभग एक दशक पहले सरकार द्वारा कुष्ठ रोगियों को फ ागली में एक भवन आवंटित किया था जो अब जर्जर हालत में बदल गई है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि तब से राज्य सरकार द्वारा उस भवन का कोई रखरखाव नहीं किया।
विज्ञापन
आरोप लगाया है कि कुष्ठ रोगियों के लिए वहां शौचालय तक नहीं हैं, पानी और बिजली की भी उचित सुविधा नहीं है। खिड़कियां और दरवाजे टूटे हैं, सीवरेज सिस्टम में रिसाव है जिस कारण मरीजों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार को तत्काल प्रभाव से कुष्ठ कालोनी को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने आदेशों की अनुपालना न होने पर सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के सचिव, निदेशक स्वास्थ्य, उपायुक्त शिमला और जिला कल्याण अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने उन्हें यह स्पष्ट करने को कहा है कि कुष्ठ कालोनी फ ागली शिमला में स्थित कुष्ठ गृह के निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत संबंधित आदेशों की अनुपालना क्यों नहीं की जा रही है। 7 जनवरी 2022 को पारित आदेशों के तहत हाईकोर्ट ने फ ागली स्थित कुष्ठ गृह में मूलभूत सुविधाओं की कमी से जुड़े मामले में प्रदेश हाईकोर्ट ने उपायुक्त शिमला को कुष्ठ कालोनी फ ागली स्थित कुष्ठ रोग गृह का निरीक्षण करने और चार सप्ताह की अवधि के भीतर आवश्यक मरम्मत कार्य करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफ ीक और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने यह आदेश नीरज शाश्वत द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के पश्चात पारित किए। याचिका में आरोप लगाया है कि लगभग एक दशक पहले सरकार द्वारा कुष्ठ रोगियों को फ ागली में एक भवन आवंटित किया था जो अब जर्जर हालत में बदल गई है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि तब से राज्य सरकार द्वारा उस भवन का कोई रखरखाव नहीं किया।
विज्ञापन
आरोप लगाया है कि कुष्ठ रोगियों के लिए वहां शौचालय तक नहीं हैं, पानी और बिजली की भी उचित सुविधा नहीं है। खिड़कियां और दरवाजे टूटे हैं, सीवरेज सिस्टम में रिसाव है जिस कारण मरीजों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार को तत्काल प्रभाव से कुष्ठ कालोनी को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।