फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   High Court sought an answer on whether the new policy of appointment on compassionate grounds will be applicab

Himachal: अनुकंपा आधार पर नियुक्ति की नई नीति पुराने मामलों पर लागू होगी या नहीं, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Wed, 27 Aug 2025 12:30 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 27 Aug 2025 12:30 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने बीएसएनएल को अनुकंपा नियुक्ति पर जवाब दायर करने को कहा है कि क्या अनुकंपा नियुक्ति के मामले में नई पर लागू होगी।

विज्ञापन
High Court sought an answer on whether the new policy of appointment on compassionate grounds will be applicab
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बीएसएनएल को अनुकंपा नियुक्ति पर जवाब दायर करने को कहा है कि क्या अनुकंपा नियुक्ति के मामले में नई पर लागू होगी। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्तूबर को होगी। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि विभाग के दिशा-निर्देश कर्मचारियों की मृत्यु के बाद लागू हुए थे। कर्मचारी की मृत्यु पर 5 नवंबर 2014 को हुई थी और याची के बेटे ने 2 दिसंबर 2016 को अपना पहला आवेदन किया था, यानी दिशा निर्देशों के आने से पहले।

विज्ञापन


उन्होंने तर्क दिया कि किसी कानून के तहत मुआवजा प्राप्त करने का अधिकार किसी व्यक्ति को अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार किए जाने से वंचित नहीं कर सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों की मृत्यु के समय जो नीति मौजूद थी वहीं लागू होनी चाहिए न कि बाद में लाई गई नीति। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि बीएसएनएल की ओर से अनुकंपा नियुक्ति को खारिज करने का मुख्य कारण 6 दिसंबर 2016 और 3 फरवरी 2017 के दिशा निर्देश थे। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार अगर किसी परिवार ने मुआवजा का दावा किया है तो उन्हें अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी जाएगी। याचिकाकर्ता सीता देवी के बेटे को जिसके पिता की 2014 में मृत्यु हो गई थी बीएसएनएल ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने से इन्कार कर दिया था।

विज्ञापन

शोंगटोंग परियोजना प्रभावितों के अधिकारों के संरक्षण पर प्रदेश सरकार को नोटिस
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने किन्नौर के शोंगटोंग परियोजना से प्रभावित पोवारी गांव संरक्षण पर सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी किए हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने इस मामले में सभी प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत से इस मामले में अंतिम रोक की मांग की थी लेकिन अदालत अगली सुनवाई को अंतरिम रोक पर फैसला करेगी। याचिकाकर्ताओं की ओर से मांग की गई है कि ग्राम पंचायत पोवारी की जो अतिरिक्त भूमि कंपनी की ओर से अधिग्रहित की गई है, उसके लिए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। भारत सरकार के मंत्रालय की ओर से भी बताया गया है कि एफआरए के तहत इनके परंपरागत अधिकारों को सुरक्षित किया जाए। अनुसूचित जनजाति और वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत ग्रामिणों के अधिकारों को सुरक्षित रखा जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed