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ईपीएफ का पैसा न देने पर हाईकोर्ट ने की जवाबतलबी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 02 Jun 2016 01:34 PM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट
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प्रदेश हाईकोर्ट ने किंगफिशर एयरलाइन की पूर्व कर्मी का ईपीएफ का पैसा न देने के मामले में ईपीएफ कमिश्नर से दो सप्ताह के भीतर जवाबतलब किया है। न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने अपने आदेशों में कहा कि यदि ईपीएफ की ओर से जवाब दायर नहीं किया जाता है तो ईपीएफ कमिश्नर को अगली सुनवाई में कोर्ट में हाजिर होना होगा।
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नशरिन अख्तर की ओर से दायर याचिका के अनुसार वह किंगफिशर एयरलाइन में साल 2013 तक कार्यरत रही। नियुक्ति के बाद उसका अकाउंट ईपीएफ में खोला गया। साल 2013 में किंगफिशर ने विमान सेवाएं बंद कर दीं। जिस कारण उसकी सेवाएं भी समाप्त हो गई। प्रार्थी के अनुसार 29 जनवरी 2013 तक उसके ईपीएफ अकाउंट में तीन लाख 82 हजार रुपये से अधिक की राशि मौजूद थी।
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इसे निकालने के लिए उसने आवेदन किया लेकिन ईपीएफ विभाग ने उसे यह कह कर पैसा देने से इंकार कर दिया कि उसका शेयर उसके वेतन से अधिक कैसे जमा किया गया। प्रार्थी ने विभाग को लीगल नोटिस जारी कर बताया कि किंगफिशर के मालिक को तो
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छोड़ दिया गया है जबकि उसकी मेहनत की कमाई को तीन साल बीत जाने के बाद भी अदा नहीं किया जा रहा। प्रार्थी का आरोप है कि ईपीएफ केवल एक कस्टोडियन है। इसका काम पैसा लेना और पात्रों को अदा करना है। मामले की आगामी सुनवाई 15 जून को निर्धारित की गई है।
सीएम के बगीचों के केयरटेकर ने वापस ली ईडी के खिलाफ याचिका
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बगीचों के केयरटेकर आनंद चौहान ने हाईकोर्ट में दायर ईडी की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका को वापस ले लिया है। याचिकाकर्ता आनंद चौहान ने प्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया था कि प्रवर्तन निदेशालय उसे बेवजह बार-बार पूछताछ के लिए बुला रहा है। उस पर नमित आरोपों के खिलाफ बयान दिए जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
प्रार्थी ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसके खिलाफ कार्रवाई न की जाए। उसे कोर्ट की अनुमति के बिना गिरफ्तार न किया जाए। गौरतलब है कि केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली में मुख्यमंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ में लगा है।
हाईकोर्ट में चार अफसर पदोन्नत
हाईकोर्ट की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार चार अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। हाईकोर्ट की 31 मई की अधिसूचना के अनुसार कमल किशोर सूद को रजिस्ट्रार इस्टेबलिशमेंट, देवेंद्र चोपड़ा को अतिरिक्त रजिस्ट्रार अकाउंट्स, संतोष नेगी को डिप्टी रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल और सुभाष कुमार को कोर्ट मास्टर बनाया गया है।