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हिमाचल: सनवारा टोल प्लाजा में दोगुना शुल्क वसूलने पर एनएच अथॉरिटी से हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण
Tue, 05 Apr 2022 11:24 PM IST
प्रशांत कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 05 Apr 2022 11:24 PM IST
सार
उच्च न्यायालय ने सनवारा टोल प्लाजा में दोगुना शुल्क वसूलने के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने भारतीय राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा मैसर्ज जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दिया गया ठेका निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र रद्द करने की प्रार्थना की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोलन के सनवारा टोल प्लाजा में सामान्य राशि से दोगुना शुल्क वसूलने के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। यह स्पष्टीकरण अगली सुनवाई में देना होगा। याचिकाकर्ता ने यह मुद्दा उठाया कि जिन लोगों ने फास्ट टैग की सुविधा नहीं ली है। उनसे टोल की सामान्य राशि से दोगुना शुल्क लिया जा रहा है।
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मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर ये आदेश पारित किए। प्रार्थी के अनुसार सनवारा में टोल प्लाजा अवैध और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े नियमों के विपरीत है। राजमार्ग शुल्क (दरों और संग्रह का निर्धारण) नियम 2008 के अनुसार कोई भी दो टोल प्लाजा 60 किलोमीटर की दूरी के भीतर एक ही खंड में नहीं हो सकते।
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प्रार्थी के अनुसार एक अन्य टोल प्लाजा चंडीमंदिर, जिला पंचकुला में स्थित है और जिला सोलन के परवाणू में 60 किलोमीटर के भीतर सनवारा टोल प्लाजा बनाया गया है। प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने परवाणू सोलन अनुभाग के 95 फीसदी से कम काम को पूरा बताते हुए ठेकेदार कंपनी मैसर्स जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को गलत और मनमाने ढंग से कंप्लिशन सर्टिफिकेट जारी किया है।
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प्रार्थी का आरोप है कि काम पूरा होने से पहले टोल वसूला जा रहा है। निर्माण कार्य और फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का बड़ा अधूरा है ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि 95 फीसदा कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यह भी आरोप लगाया कि राजमार्ग का ठीक से रखरखाव भी नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता ने भारतीय राष्ट्रीय प्राधिकरण द्वारा मैसर्ज जीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को दिया गया ठेका निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र रद्द करने की प्रार्थना की है और सनवारा टोल प्लाजा पर देय टोल टैक्स दरों को नियत करने वाली अधिसूचना को रद्द करने की गुहार लगाई है। मामले पर सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।