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HP High Court: नगर परिषद परवाणू के पार्षदों की योग्यता पर निर्णय लें एसडीओ कसौली

Wed, 23 Aug 2023 07:13 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 23 Aug 2023 07:13 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर परिषद परवाणू के दो पार्षदों की योग्यता पर निर्णय लेने के लिए एसडीओ कसौली को आदेश दिए हैं। अदालत ने इसके लिए एसडीओ कसौली को दो हफ्ते का समय दिया है।

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High Court: SDO Kasauli should decide on the qualification of councilors of Municipal Council Parwanoo
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर परिषद परवाणू के दो पार्षदों की योग्यता पर निर्णय लेने के लिए एसडीओ कसौली को आदेश दिए हैं। अदालत ने इसके लिए एसडीओ कसौली को दो हफ्ते का समय दिया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने याचिकाकर्ता सतीश बैरी की याचिका का निपटारा करते हुए यह आदेश दिए। याचिकाकर्ता ने नगर परिषद परवाणू के वार्ड नंबर चार और छह के पार्षदों की योग्यता को चुनौती दी थी। आरोप लगाया गया था कि वार्ड नंबर चार की पार्षद चंद्रावती ने सरकारी भूमि पर कब्जा किया है। उसने यह तथ्य नामांकन भरते समय छिपाया है। इसी तरह वार्ड नंबर छह के पार्षद ठाकुर दास शर्मा ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपने खिलाफ पूर्व में दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई। याचिकाकर्ता ने दोनों पार्षदों को नगर परिषद परवाणू की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित करने की शिकायत की थी।

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अदालत को बताया गया कि एसडीओ कसौली ने याचिकाकर्ता की शिकायत के बाद जांच की थी और दोनों को बरी कर दिया था। उसके बाद शिकायतकर्ता ने शहरी विकास निदेशक के पास अपील दायर की थी। निदेशक ने मामले को उपायुक्त सोलन को जांच करने के आदेश दिए थे। उपायुक्त सोलन ने दोबारा से मामले को एसडीओ कसौली के समक्ष भेज दिया। अदालत के समक्ष दलील दी गई थी कि एसडीओ कसौली ने याचिकाकर्ता की ओर से दर्ज की गई आपत्तियों को सही तरीके से सराहा नहीं है। पार्षदों की ओर से अदालत के समक्ष दलील दी गई कि जब एक बार एसडीओ कसौली ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया है तो उस स्थिति में दोबारा उन्हें मामला नहीं भेजा जा सकता है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभी मामला एसडीओ कसौली के समक्ष लंबित है, ऐसे में मामले पर निर्णय लेना उचित नहीं है। अदालत ने एसडीओ कसौली को अपने स्तर पर दोनों मामलों का निपटारा करने के आदेश दिए हैं।

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