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घबरा रही सरकार, कैसे करें वीआईपी मैडम का ट्रांसफर?

Sat, 10 Jan 2015 09:30 AM IST
Updated Sat, 10 Jan 2015 09:30 AM IST
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high court order to transfer teachers in shimla.

रसूखदारों के आगे शिक्षा विभाग अजब मुश्किल में फंस गया है। हिमाचल की राजधानी शिमला के सरकारी स्कूलों में सत्ता और अफसरशाही में धाक रखने वाले महानुभावों की पत्नियां सालों से एक ही स्थान पर पढ़ा रही हैं।

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अगर कभी उनका तबादला होता भी है तो शिमला शहर के इर्द-गिर्द के स्कूलों में ही होता है। इनकी गिनती एक दो नहीं, बल्कि 300 तक पहुंच गई है। इन पर किसी भी तरह से तबादला नियम लागू नहीं होते।
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हिमाचल हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि एक ही स्थान पर तीन साल से अधिक के समय से कोई भी शिक्षक तैनात नहीं रह सकता, लेकिन असरदार मैडमों के तबादले करने का जोखिम उठाने की हिम्मत कोई नहीं कर पा रहा।

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कोर्ट ने दिए हैं ये निर्देश

high court order to transfer teachers in shimla.

कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि शहर में वर्षों से कार्यरत इन शिक्षकों को शिमला से 30 किलोमीटर की परिधि के बाहर तबादला किया जाए। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप जरूर है, लेकिन कोर्ट के इस फैसले से कइयों को राहत मिली है।

फिलहाल, विभाग ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने में जुटा है। सोमवार को इन शिक्षकों की सूची सरकार को सौंप दी जाएगी। निदेशालय के कुछ अधिकारियों का कहना है कि अब यह देखने वाली बात होगी कि सरकार कोर्ट के आदेशों की पालना कैसे और किस रूप में करती है।

ट्रांसफर की टेंशन छोड़कर पढ़ाने पर ध्यान दें: सीएम

high court order to transfer teachers in shimla.

वहीं, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि रूसा सिस्टम का विरोध नहीं इसका स्वागत करना चाहिए। गुणात्मक शिक्षा के लिए रूसा जरूरी है। कोई भी नई चीज आने से हमेशा शुरू में उसका विरोध होता है। रूसा शुरू होने से शिक्षकों को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक स्कूल में रहना पड़ रहा है और पूरा दिन बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को ट्रांसफर की टेंशन छोड़ छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान देने की नसीहत दी। लोगों की ओर से प्रदेश के विभिन्न भागों में और महाविद्यालय तथा स्कूल खोलने की मांग की जा रही है। सरकार इनकी व्यवहारिकता पर विचार करने के उपरांत और महाविद्यालय तथा स्कूल खोलेगी।

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