बागवानों से धोखाधड़ी मामले के लिए तीन दिन में बनाओ एसआईटी
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आढ़ती की ओर से शिमला जिले के कोटखाई के बागवानों को भुगतान न करने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। हाईकोर्ट ने एसपी शिमला को आदेश दिए हैं कि वह तीन दिन के भीतर विशेष टीम का गठन कर धोखाधड़ी के इस मामले की जांच करवाएं।
जांच की विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष दायर करें। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर ने एसपी को ये भी आदेश दिए कि विशेष टीम की अध्यक्षता डीएसपी स्तर के अधिकारी से नीचे न करवाई जाए।
कोर्ट ने विशेष टीम को आदेश दिए हैं कि वह आढ़ती राजेश पांडे और अखिलेश रामसान्ही लैसवाल से भी पूछताछ किया जाना सुनिश्चित करें। मामले के अनुसार कोटखाई गुम्मा के आढ़ती प्रदीप चौहान के खिलाफ बागवानों ने पुलिस स्टेशन गुम्मा में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
यहां जानिए पूरा मामला
इसके तहत बागवानों ने उन्हें वर्ष 2014-15 में सेब बेचे थे, लेकिन उसका भुगतान अभी तक भी किया जा रहा है। प्रार्थी प्रदीप चौहान ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में दलील दी है कि एक अनुबंध के तहत राजेश पांडे और अखिलेश रामसान्ही लैसवाल को प्रार्थी ने अपने कांप्लेक्स में सेब खरीदने की अनुमति दी थी।
वर्ष 2015 में बागवानों को इन लोगों ने भुगतान नहीं किया है, जिसके लिए प्रार्थी को जिम्मेवार नहीं ठहराया जा सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने हाईकोर्ट को बताया गया कि राजेश पांडे और अखिलेश रामसान्ही लैसवाल जांच में शामिल नहीं हो रहे हैं, जिसके चलते कोर्ट ने उक्त आदेश पारित किए। मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी।