फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   High Court Major Ruling: Stay on notification dissolving Panchayati Raj institutions in Lahaul Spiti and Pangi

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: केलांग और पांगी में पंचायती राज संस्थाओं को भंग करने की अधिसूचना पर रोक

Wed, 01 Jul 2026 05:40 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 01 Jul 2026 05:40 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने लाहौल-स्पीति जिले के केलांग और चंबा के पांगी उपमंडल में पंचायती राज संस्थाओं को तत्काल प्रभाव से भंग करने की राज्य सरकार की 24 जून की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी है। 

विज्ञापन
High Court Major Ruling: Stay on notification dissolving Panchayati Raj institutions in Lahaul Spiti and Pangi
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने लाहौल-स्पीति जिले के केलांग और चंबा के पांगी उपमंडल में पंचायती राज संस्थाओं को तत्काल प्रभाव से भंग करने की राज्य सरकार की 24 जून की अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता और उनके जैसे अन्य प्रतिनिधि अगले आदेश तक अपने पदों पर बने रहेंगे। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने का आदेश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। खंडपीठ ने यह आदेश याचिकाकर्ता दीपक चौहान और अन्य की ओर से दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।

विज्ञापन

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कोर्ट में ये कहा

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इन दोनों क्षेत्रों में पंचायतों का पांच वर्षीय कार्यकाल 17 अक्टूबर 2026 को समाप्त होना था। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने मई 2026 में ही चुनाव करवा लिए। सरकार ने 24 जून को अधिसूचना जारी कर पुरानी पंचायतों को भंग कर दिया और नई पंचायतों की पहली बैठक 18 अक्तूबर के बजाय 27 जून तय कर दी। इससे एक साथ दो निर्वाचित पंचायतें अस्तित्व में आ गईं और मौजूदा प्रतिनिधियों का कार्यकाल समय से पहले समाप्त हो गया। याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 243-ई का हवाला देते हुए कहा कि किसी पंचायत का कार्यकाल उसकी पहली बैठक से पूरे पांच वर्ष का होता है और इसे कानून में संशोधन कर भी घटाया नहीं जा सकता। सरकार की ओर से जनवरी 2026 में किया गया नया संशोधन पिछली तारीखों से लागू नहीं हो सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

राज्य सरकार ने दी यह दलील

राज्य सरकार ने पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम, 2025 की धारा 120(4) का हवाला देते हुए दलील दी कि विशेष परिस्थितियों में इन क्षेत्रों की पंचायतों का कार्यकाल राज्य की अन्य पंचायतों के साथ समाप्त होना चाहिए। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास एक निहित कानूनी अधिकार है। इसलिए 24 जून 2026 की अधिसूचना दोषपूर्ण है, क्योंकि याचिकाकर्ताओं और अन्य लोगों के पद पर बने रहने के अधिकार को इस तरह छीना नहीं जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed