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मनमाने ढंग से बांट दिए परमिट, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

Wed, 02 Sep 2015 11:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 02 Sep 2015 11:05 AM IST
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high court hearing on sealed road permit in shimla city.

शिमला शहर की प्रतिबंधित सड़कों पर बिना परमिट के वाहन चलाने संबंधी जनहित याचिका में हाईकोर्ट द्वारा गठित प्रधान सचिव गृह की अध्यक्षता वाली कमेटी ने रिपोर्ट पेश की। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने कमेटी की रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट परमिट होल्डर के स्टेटस और किसी दबाव में दी है।

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रिपोर्ट के अनुसार सभी बोर्ड और कारपोरेशन के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के अलावा सीमा बत्रा और चेतन बरागटा को सील्ड रोड पर घर होने की वजह से परमिट जारी किया है। सुनीता महाजन जिसने सील्ड रोड पर वीवीआईपी के आवास में ड्राई क्लीन का टेंडर लिया है इस वजह से उसे परमिट जारी किया गया है। सुरिंदर कोहली को सिर्फ शेलेडे स्कूल से जोधा निवास तक का परमिट जारी किया है।
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एनके कौशिक और सीएम ग्रोवर को डॉक्टर होने के कारण जनहित में परमिट जारी किया है। अश्वनी सूद को होटल एसोसिएशन के सचिव होने के कारण परमिट जारी किया है। डीपी भाटिया को घर और ऑफिस होने के कारण परमिट जारी किया है। बीएस चौहान और दलजीत सिंह को सीनियर सिटीजन होने के नाते परमिट जारी किया है। प्रदीप कुमार को उसके बेटे के डीएसपी होने के कारण परमिट जारी किया है।
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प्रार्थी ने दी है ये दलील
प्रार्थी की ओर से दलील दी गई कि कमेटी द्वारा नियमों के विरुद्ध और पिक एंड चूज पालिसी अपनाकर परमिट जारी किए हैं। प्रार्थी के अनुसार चेतन बरागटा जो स्टोक्स पेल्स का निवासी है उसे परमिट जारी किया है जबकि स्टोक्स पेल्स की ही निवासी दीपिका बहक का परमिट रद कर दिया है। प्रार्थी द्वारा दलील दी है कि यदि नियमों के विरुद्ध सीनियर सिटीजन बीमार और डॉक्टर को परमिट जारी किए जा रहे हैं तो शहर में इस तरह के हजारों लोग है जिन्हें परमिट जारी नहीं किया है।


हाईकोर्ट ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि अदालत बोर्ड और कारपोरेशन के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन को जारी परमिट को डिस्टर्ब नहीं करेगी लेकिन जिस तरीके से नियमों का उल्लंघन कर बाकियों को परमिट जारी किए हैं उसे किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने कमेटी को सभी परमिटों को दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं।

सेना की गाड़ियां भी बिना परमिट के नहीं चल सकतीं
अदालत को बताया गया कि प्रतिबंधित सड़कों पर मिल्ट्री और पैरा मिल्ट्री के वाहन बिना परमिट के बेरोकटोक दौड़ते नजर आते हैं। हालांकि हाईकोर्ट ने पहले ही बिना परमिट के इन वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा रखी है। अदालत ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया है कि ऐसे वाहनों का चालान फाइन कर जब्त किया जाए जो बिना परमिट के प्रतिबंधित सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

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