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दो माह में बनाओ प्रॉपर्टी टैक्स का ड्राफ्ट: हाईकोर्ट

Fri, 15 Aug 2014 03:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 15 Aug 2014 03:42 PM IST
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high court gave directions for property tax to MC shimla

हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला को दो माह के भीतर यूनिट एरिया मेथड के फाइनल ड्राफ्ट बॉयलाज बनाने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश डीसी चौधरी की खंडपीठ ने एक माह तक बॉयलाज पर लोगों के सुझाव और आपत्तियां लेने और एक माह तक फाइनल ड्राफ्ट बनाने को कहा है।

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16 अक्तूबर को मामले की अगली सुनवाई होगी। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने नगर निगम की कर शाखा को डिफाल्टरों से वसूली नहीं कर पाने पर फटकार भी लगाई। निगम ने कोर्ट में बताया है कि बकाया 5.50 करोड़ की राशि में से 2.44 करोड़ वसूल करना शेष है। 730 डिफाल्टरों से बकाया लिया जाना है।
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53 लाख रुपये का बकाया टैक्स सरकारी विभागों से भी वसूल करना शेष है। 87 मामले तहसीलदार वसूली को भेज दिए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने नगर निगम और तहसीलदार वसूली को बकाया राशि को वसूलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
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सिर्फ कारपेट एरिया पर लगे प्रॉपर्टी टैक्स

कनलोग निवासी समाजसेवी सुभाष वर्मा ने वीरवार को यूनिट एरिया मेथड से संबंधित अपने सुझाव और आपत्तियां निगम आयुक्त के पास दर्ज करवाई। सुभाष वर्मा ने कहा है कि प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में सिर्फ कारपेट एरिया लिया जाना चाहिए।



पलिंथ एरिया पर टैक्स नहीं लगना चाहिए। ऐज फैक्टर के वर्ष को भवन के निर्माण के शुरू करने के वर्ष व पूर्ण होने के वर्ष के औसत वर्ष के रूप में शामिल किया जाए।

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