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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   High Court canceled the transfer on the recommendation of the chairman of Rural Development Bank

ग्रामीण विकास बैंक अध्यक्ष की सिफारिश पर हुआ तबादला हाईकोर्ट ने किया रद्द

Fri, 10 Sep 2021 08:53 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 10 Sep 2021 08:53 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने राज्य ग्रामीण विकास बैंक की अध्यक्ष शशि बाला की सिफारिश पर हुए तबादले को रद्द कर दिया है। एक वरिष्ठ सहायक ने आंध्रा पावर हाउस चिड़गांव से चंबा के लिए हुए उसके तबादले को चुनौती दी थी।

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High Court canceled the transfer on the recommendation of the chairman of Rural Development Bank
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य ग्रामीण विकास बैंक की अध्यक्ष शशि बाला की सिफारिश पर हुए तबादले को रद्द कर दिया है। एक वरिष्ठ सहायक ने आंध्रा पावर हाउस चिड़गांव से चंबा के लिए हुए उसके तबादले को चुनौती दी थी।न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश सत्येन वैद्य की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि प्रार्थी प्रदीप कुमार का स्थानांतरण केवल राजनीतिक आधार पर किया गया है। तबादला भी एक ऐसे व्यक्ति के कहने पर किया गया, जिसे प्रतिवादी विभाग के प्रशासन या कामकाज से कोई सरोकार नहीं है। प्रार्थी ने आंध्रा पावर हाउस चिड़गांव से अपने तबादला आदेश को चुनौती दी थी। प्रार्थी को ग्रामीण विकास बैंक की अध्यक्ष शशि बाला की सिफारिश पर स्थानांतरित किया गया था। सुनवाई के दौरान मामले के रिकॉर्ड से पता चला कि शशि बाला ने एक पत्र मुख्यमंत्री को भेजा था, जिसमें छह कर्मचारियों के तबादले की सिफारिश की गई थी। प्रार्थी को चंबा जिले में किसी भी स्थान पर स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई थी।

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याचिकाकर्ता और अन्य कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए सिफारिश करते हुए कहा था कि वे दलगत राजनीति में लिप्त हैं। उन पर संगठन/संस्थान में कार्य संस्कृति को दूषित करने का आरोप भी लगाया गया था। न्यायालय ने कहा कि मुख्यमंत्री को सिफारिशें करने के लिए पत्र के लेखक की शक्ति और अधिकार के स्रोत के रूप में समझने के लिए पूरी तरह से विफल हैं। सभी कानून के शासन द्वारा शासित होते हैं। तबादले को असहमति की आवाज को दबाने या दबाने के माध्यम के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। यदि याचिकाकर्ता सहित स्थानांतरित किए जाने के लिए प्रस्तावित व्यक्तियों के कार्य और आचरण के संबंध में कोई शिकायत थी तो अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर कार्रवाई करने का एकमात्र वैध कानूनी रास्ता खुला था। प्रशासनिक मनमानी से असहमति की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। यह उचित समय है कि नियोक्ता चाहे वह राज्य, बोर्ड या निगम हो, राजनेताओं के मशीनीकरण के खिलाफ  अपने कर्मचारियों के हितों की दृढ़ता से रक्षा करें ताकि कर्मचारी बिना किसी डर और पक्षपात के अपने कार्यों का निर्वहन कर सकें।

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