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देश ने वीर सपूत, मां ने खोया इकलौता बेटा
Updated Thu, 02 Oct 2014 03:12 PM IST
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उत्तर प्रदेश के बरेली में सेना के हेलीकॉप्टर क्रैश में धर्मशाला के अभिजय थापा (29) की मौत पर रामनगर में मातम पसर गया है। इस हेलीकॉप्टर को मेजर अभिजय थापा उड़ा रहे थे।
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मेजर अभिजय थापा के पिता सुनील थापा और मां सुनीता थापा का अपने इकलौते बेटे को खोने के बाद रो-रोकर बुरा हाल है।
मेजर अभिजय थापा की दो वर्ष पहले ही देहरादून की युवती से शादी हुई थी। उसकी बहन की भी शादी हो चुकी है।
अभिजय थापा ने प्रारंभिक शिक्षा सेक्रेड हार्ट स्कूल सिद्धबाड़ी और उसके बाद धर्मशाला कॉलेज में पूरी की थी।
अभिजय ने आर्मी एविएशन कोर में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने 2008 में कमीशन पास किया और इसके बाद 2013 में वह आर्मी में मेजर बने थे। मेजर अभिजय थापा के पिता सुनील थापा बैंक मैनेजर हैं।
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बताया जा रहा है कि अभिजय थापा का शव वीरवार को रामनगर पहुंचेगा। हालांकि, मेजर अभिजय थापा की मौत की आधिकारिक सूचना देर शाम तक प्रशासन के पास नहीं पहुंच पाई थी। शहरी आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सुधीर शर्मा सहित क्षेत्र के लोगों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई हैं।
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पंखा टूटने से हुआ हादसा
जाट रेजीमेंट सेंटर के बरेली स्थित 246 आर्मी एविएशन बेस में ट्रेनिंग के दौरान बुधवार को सुबह चीता हेलिकाप्टर क्रैश होने से सेना के तीन अफसर शहीद हो गए।
हादसा हेलिकाप्टर का पंखा टूटने से हुआ। इससे असंतुलित हेलिकाप्टर एविएशन बेस के मैदान में ही करीब 300 मीटर ऊंचाई से नीचे गिरा और आग लग गई।
हादसा सुबह सात बजकर 40 मिनट पर हुआ। एविएशन बेस से चीता हेलिकाप्टर नियमित ट्रेनिंग के लिए हादसे से करीब 20 मिनट पहले उड़ान भरी। हेलिकाप्टर ने दो चक्कर लगाए। तीसरा चक्कर चल रहा था कि तेज आवाज के साथ हेलिकाप्टर का पीछे का पंखा टूट गया।
इस पर सवार मेजर पायलट अभिजय थापा, उम्र- 29, निवासी- रामनगर, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश), मेजर पायलट विकास वरियानी उम्र- 29, निवासी- श्रीजी नगर दुर्गापुर, जयपुर (राजस्थान) और कैप्टन अविनाश सोमवंशी उम्र- 26, निवासी- भूड़ गांव, नलदुर्ग, उस्मानाबाद (महाराष्ट्र)कुछ समझ पाते।
एयर ट्रांजिट कंट्रोलर ने खतरे का संकेत देते हुए पायलट से हेलिकाप्टर एविएशन बेस पर उतारने का मैसेज भेज दिया।
पायलट ने हेलिकाप्टर को साधते हुए बेस पर उतारने की कोशिश की लेकिन उससे पहले ही वह असंतुलित होकर मैदान में गिर पड़ा और बेहद तेज धमाके के साथ उसमें आग लग गई।
हादसा हेलिकाप्टर का पंखा टूटने से हुआ। इससे असंतुलित हेलिकाप्टर एविएशन बेस के मैदान में ही करीब 300 मीटर ऊंचाई से नीचे गिरा और आग लग गई।
हादसा सुबह सात बजकर 40 मिनट पर हुआ। एविएशन बेस से चीता हेलिकाप्टर नियमित ट्रेनिंग के लिए हादसे से करीब 20 मिनट पहले उड़ान भरी। हेलिकाप्टर ने दो चक्कर लगाए। तीसरा चक्कर चल रहा था कि तेज आवाज के साथ हेलिकाप्टर का पीछे का पंखा टूट गया।
इस पर सवार मेजर पायलट अभिजय थापा, उम्र- 29, निवासी- रामनगर, कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश), मेजर पायलट विकास वरियानी उम्र- 29, निवासी- श्रीजी नगर दुर्गापुर, जयपुर (राजस्थान) और कैप्टन अविनाश सोमवंशी उम्र- 26, निवासी- भूड़ गांव, नलदुर्ग, उस्मानाबाद (महाराष्ट्र)कुछ समझ पाते।
एयर ट्रांजिट कंट्रोलर ने खतरे का संकेत देते हुए पायलट से हेलिकाप्टर एविएशन बेस पर उतारने का मैसेज भेज दिया।
पायलट ने हेलिकाप्टर को साधते हुए बेस पर उतारने की कोशिश की लेकिन उससे पहले ही वह असंतुलित होकर मैदान में गिर पड़ा और बेहद तेज धमाके के साथ उसमें आग लग गई।