हेलिकॉप्टर हादसा: विवेक के घर में दो दिन से किसी भी परिजन ने नहीं खाया खाना, मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल
हेलिकॉप्टर हादसे में निधन के बाद विवेक कुमार के घर और गांव में मातम छाया हुआ है।माता आशा और पत्नी सीमा की आंखें रो-रोकर पथरा गई हैं। पिता प्रीतम चंद का भी बुरा हाल है। वह अब बेटे की पार्थिव देह के घर आने का इंतजार कर रहे हैं।
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के उपमंडल जयसिंहपुर के गांव ठेहड़ू कोसरी गांव के हेलिकॉप्टर हादसे में निधन के बाद विवेक कुमार के घर और गांव में मातम छाया हुआ है। पिछले दिन से अभी तक परिजनों ने खाना भी नहीं खाया है। माता आशा और पत्नी सीमा की आंखें रो-रोकर पथरा गई हैं। पिता प्रीतम चंद का भी बुरा हाल है। वह अब बेटे की पार्थिव देह के घर आने का इंतजार कर रहे हैं।विवेक के साले का भी 19 साल की उम्र में निधन हो गया था। इससे ससुराल पक्ष का भी विवेक ही सहारा थे। वहां भी वह बेटे की तरह अपने सास और ससुर का ख्याल रख रहे थे।
विवेक के छोटे भाई सुमित के प्राइवेट नौकरी होने के कारण विवेक ही परिवार का सहारा थे। विवेक के निधन के कारण अब दोनों का सहारा छिन गया है। विवेक के ताया का लड़का भी पैरा कमांडो था। उनका भी दो साल पहले निधन हो गया था। विवेक कुमार के साथी कुलवंत ने बताया डेढ़ वर्ष पूर्व ही विवेक सीडीएस बिपिन रावत के साथ तैनात हुए थे। बहुत मेहनती और कर्मठ सैनिक थे। इस कारण उन्हें भारत की सेना प्रमुख के साथ तैनात किया गया था। पढ़ाई में भी होशियार थे। विवेक अपने पीछे छह माह का बेटा छोड़ गए हैं।