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बर्फबारी ने रोका रेस्क्यू ऑपरेशन, हिमखंड में दबे सेना के 5 जवानों का 36 घंटे बाद भी सुराग नहीं

Thu, 21 Feb 2019 07:41 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सांगला (किन्नौर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सांगला (किन्नौर) Published by: ashok chauhan Updated Thu, 21 Feb 2019 07:41 PM IST
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Heavy snowfall became major hurdle in rescue of missing army troops in avalanche himachal

करीब 9 हजार फीट की ऊंचाई पर भारत-चीन सीमा से सटे शिपकिला क्षेत्र की सटी नमज्ञा पंचायत के डोगरी नाले में गिरे हिमखंड के नीचे दबे सेना के पांच जवानों का 36 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है।

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बर्फबारी के बीच बुधवार सुबह 10  बजे से सेना, आईटीबीपी और सीमा सड़क संगठन के 200 जवान मशीनरी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे हैं, हिमखंड में दबे जवानों के बारे में सेना अभी कोई खुलासा नहीं कर रही है।
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सूत्रों के अनुसार अभी भी हिमाचल के तीन, जम्मू और दार्जिलिंग का एक-एक जवान हिमखंड के नीचे दबा है। वीरवार सुबह कुछ घंटे रेस्क्यू के बाद बर्फबारी शुरू हो गई और अभियान रोकना पड़ा। इस दौरान फिर डोगरी और पूह नाले में हिमखंड गिर गए।
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बीच-बीच में बचाव अभियान जारी रहा, लेकिन बर्फबारी और बर्फीला तूफान चलने के कारण सर्च ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है। अभी और हिमखंड गिरने का खतरा है। जिला प्रशासन की टीम और पुलिस की क्यूआरटी भी मौके पर डटी हुई है।

डेढ़ सौ जवान और किन्नौर पुलिस  रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल

Heavy snowfall became major hurdle in rescue of missing army troops in avalanche himachal

गौर हो कि बुधवार सुबह सेना के छह और आईटीबीपी के 10 जवान नमज्ञा में पेट्रोलिंग पर निकले थे। डोगरी नाले में पहाड़ से हिमखंड गिरने से सेना के छह जवान बर्फ में दब गए। हिमखंड की चपेट में आए बिलासपुर के एक जवान राकेश कुमार की मौत हो गई, जबकि पांच अभी तक लापता हैं।

राकेश कुमार का शव अभी पूह कैंप में रखा है। मौसम साफ हुआ तो शुक्रवार को शव पैतृक गांव शाहतलाई पहुंचाया जा सकता है। इस हिमखंड की चपेट में आने से आईटीबीपी के 5 जवान भी घायल हुए थे।

बुधवार देर रात से ही यहां बर्फबारी का सिलसिला जारी है। वीरवार को डोगरी में 40 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फ बारी हुई है।  भारतीय सेना, आईटीबीपी की 17वीं वाहिनी के जवानों के अलावा जिला पुलिस, क्यूआरटी टीम, डीएसपी

धनसुख दत्ता और थाना प्रभारी पूह बलवंत सिंह की अगुवाई में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। पूह और आकपा से गए बीआरओ के 20 जवान और तीन जेसीबी मशीनें भी एनएच के साथ खाब-शिपकिला मार्ग को बहाल करने में जुटी हैं। 

क्या कहते हैं एसपी किन्नौर

Heavy snowfall became major hurdle in rescue of missing army troops in avalanche himachal

घटनास्थल पर डटे एडीएम पूह शिव मोहन सैनी और एसपी किन्नौर साक्षी वर्मा ने बताया कि पहले हिमखंड और फिर भारी हिमपात और बर्फीली हवाओं के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है। मौसम ठीक होते ही सर्च ऑपरेशन का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करेंगे। 

तीन बार हुआ रेस्क्यू आपरेशन : नंदा
शिमला। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मनीषा नंदा ने कहा है कि बर्फ में दबे सेना के जवानों को निकालने के लिए वीरवार को तीन बार रेस्क्यू ऑपरेशन चला, लेकिन अभी जवानों का पता नहीं चल पाया है। लगातार हो रही बर्फबारी और तेज हवा के चलते कार्य में बाधाएं आ रही हैं। एडीएम को मौके पर भेजा गया है। सैन्य अधिकारियों से भी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। 

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