हिमाचल प्रदेश: नेशनल हाईवे समेत 300 से ज्यादा सड़कें बंद, नदी में बह गई वाल्वो बस, देखें वीडियो
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कुल्लू में तीन जगह और पालमपुर के बंदला में बादल फटने और दो दिन से भारी बारिश के चलते आधे हिमाचल में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। कई जगह तीन फीट तक पानी भर गया है। कुल्लू, चंबा और मंडी जिले में खतरनाक हालात हैं। कुल्लू जिला प्रशासन के अनुसार फोजल, धुंधी और लगवैली में बादल फटने से ब्यास का जलस्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया।
इससे कुल्लू में दो ट्रक बह गए हैं। ओट के पास दवाड़ा में नेशनल हाईवे पर दिन को और फिर शाम को पानी आने से यातायात बाधित रहा। वहीं पानी खतरे के निशान के ऊपर होने पर मंडी के पंडोह, लारजी, कांगड़ा के सानन और चंबा के चमेरा डैम के गेट खोलने पड़े। इससे भी ब्यास और रावी नदी में बाढ़ आ गई, जिससे निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर नौ जिलों कुल्लू, मंडी, चंबा, सिरमौर, कांगड़ा, हमीरपुर, लाहौल, बिलासपुर और किन्नौर के स्कूलों में सोमवार की छुट्टी घोषित कर दी है।
बादल फटने से रविवार को कुल्लू जिले के कई इलाकों में जल प्रलय जैसे हालात बन गए। प्रशासन ने एनडीआरएफ को मदद के लिए बुला लिया। मनाली के डोभी में 19 लोग घरों में फंस गए। नाले का पानी दोनों ओर से आ गया। सेना के हेलीकॉप्टर ने कड़ी मशक्कत से लोगों को निकाला। मनाली में एक वोल्वो और ट्रक बह गए। मनाली से मंडी तक ब्यास किनारे बाढ़ जैसे हालात हैं। कुल्लू में ब्यास किनारे यूनियन के खड़े कई ट्रक पानी में डूब गए।
पतलीकूहल में बाजार और घरों में तीन फीट तक पानी भर गया। चंबा में रावी नदी के बढ़ते जल स्तर को देखते हुए दुर्गेठी, राख, धरवाला, परेल, शीतला ब्रिज, बालू, तड़ोली में मकानों को खाली करवाया गया। जवाहर नवोदय विद्यालय सरोल में रह रहे विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों में शिफ्ट किया गया। तीन पुल बह गए, दो में दरारें आ गईं।
कांगड़ा से लौट रहे भेड़पालकों के 300 मवेशी बाढ़ में बह गए। ब्यास किनारे मंडी के कई इलाकों में पानी भर गया है। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। लारजी और शानन परियोजना में बिजली उत्पादन पानी में सिल्ट बढ़ने के कारण बंद हो गया है। किन्नौर की सांगला का देश-दुनिया से संपर्क कट गया है।
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सात नेशनल हाईवे समेत 300 से ज्यादा सड़कें बंद
कुल्लू-मनाली-रोहतांग-लेह, हिंदुस्तान-तिब्बत मार्ग, शिमला-रोहड़ू, नाहन-शिमला, चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे स्वारघाट के समीप और चंबा-पठानकोट एनएच तीन जगहों और पठानकोट-मंडी एनएच पर भूस्खलन के चलते यातायात के लिए अवरुद्ध पड़ गया। इसके अलावा प्रदेश भर में करीब 300 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हैं। पूरे चंबा जिले में एचआरटीसी की बस सेवा ठप है।
रोहतांग और रायसन में 45 लोग किए रेस्क्यू, बंगाल के नौ रिसर्चर लापता
रोहतांग दर्रा बंद होने से फंसे पर्यटकों समेत 23 लोगों को बीआरओ ने शनिवार देर शाम रेस्क्यू कर मढ़ी पहुंचाया है। लाहौल में कई पर्यटक फंसे हैं। लाहौल स्पीति में गंगस्टांग ग्लेशियर में रिसर्च करने गए पश्चिम बंगाल के नौ ट्रैकर बर्फबारी के बाद से लापता हैं। वहीं रायसन में फंसे प्रशासन के 22 लोगों को बचाव दल ने रेस्क्यू किया।
दो दशक बाद सितंबर में रोहतांग में चार फीट बर्फबारी
सितंबर में दो दशक के बाद रोहतांग में चार फीट तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई। इसके अलावा केलांग में भी भारी हिमपात हुआ है। इससे कई जगह फलदार पौधे और बिजली के खंभों को नुकसान हुआ है। मणिमहेश की चोटियों और पांगी, तीसा में भी बर्फबारी हुई।
चंबा, ऊना, बिलासपुर जिले में तीन मकान गिरे
चंबा, ऊना और बिलासपुर में तीन मकान गिर गए हैं। पूरे प्रदेश में भूस्खलन और डंगे गिरने से करीब दो दर्जन से ज्यादा घरों को खतरा पैदा हो गया है। प्रदेश में कई अन्य जगहों पर भी मकानों और गोशालाओं के गिरने की सूचना है।
कहां कितनी बर्फबारी
रोहतांग 120 सेंटीमीटर
कोकसर 90 सेंटीमीटर
केलांग 60 सेंटीमीटर
बारालाचा 140 सेंटीमीटर
कुंजुम 130 सेंटीमीटर
आज भी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार सोमवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है। 26 सितंबर से मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।
सहारनपुर से सीएम ने मंगवाया एयरफोर्स का हेलीकॉप्टर, 19 लोगों की जान बचाई
कुल्लू जिला के भुंतर के समीप दोबी में नदी में भारी वर्षा के कारण अचानक आई बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देशों के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 बहुमूल्य जानों को बचाया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहारनपुर से एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर को मंगवाया गया और दोबी में नदी के बीच फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आयुष्मान भारत योजना की लांचिंग के बीच खुद अपडेट लेते रहे सीएम खुद इस आपदा राहत अभियान का अपडेट लेते रहे। शाम के वक्त मुख्यमंत्री ने एक बैठक भी ली।
मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम को ली समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश में विशेषकर कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति में गत दिनों से हो रही भारी वर्षा के कारण स्थिति का जायजा लिया। इसमें मुख्य सचिव समेत तमाम प्रमुख अधिकारी मौजूद हुए। सीएम ने सभी अधिकारियों को प्रदेश में भारी वर्षा के कारण जानमाल के नुकसान को कम करने के लिए जरूरी पग उठाए जाएं।
नदी किनारे रह रहे लोगों को खतरे के बारे में शीघ्र सूचित किया जाना चाहिए, जिससे नदियों में अचानक पानी का स्तर बढ़ने से किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान न हो। जयराम ठाकुर ने लोक निर्माण विभाग को भूस्खलन तथा मलबे के कारण अवरुद्ध हुई सड़कों को तुरंत यातायात के लिए बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चमेरा बांध-1, 2 तथा 3 और पंडोह बांध के जल स्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
कोकसर से सभी 120 व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
बैठक में बताया गया कि कोकसर से सभी 120 व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। इसी प्रकार मढ़ी तथा रोहतांग से 23-23 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इसके अतिरिक्त, बीआरओ की ओर 14 अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकाला गया है। बैठक में बताया गया कि चंबा में 60 भेंडे़ व बकरियां भू-स्खलन की चपेट में आ गई।
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