हिमाचल में बारिश ने मचाया कोहराम, मलबे में दबीं गाड़ियां, थाने में घुसा पानी
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हिमाचल में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक कई इलाकों में रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई है। शिमला के सराहन में कुछ घंटों में सबसे ज्यादा 115 मिलीमीटर बारिश हुई। ज्यूरी के उन्नू महादेव मंदिर में बारिश का पानी, मलबा घुस गया। शुक्रवार रात पत्थर गिरने से सराय में सोए 80 श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई। उन्होंने भागकर जान बचाई। सभी श्रद्धालु सुरक्षित हैं।
सोलन के कंडाघाट में नाले का मलबा सड़क पर आने से पार्क की चार कारें मलबे में दब गईं। चायल मार्ग पर मलबा गिरने से एक यात्री घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अंब थाने में पानी घुस गया। ऊना की रिहायशी कॉलोनियों, दुकानों और गगरेट-दौलतपुर चौक बाजार में जलभराव की स्थिति रही। कांगड़ा जिले के दर्जनों संपर्क मार्ग बंद रहे।
रक्कड़ के नजदीक खैरन खड्ड में एक ट्रक बह गया। हालांकि, लोडेड होने के कारण पलटने से बच गया। भूस्खलन और पेड़ गिरने से प्रदेश के 50 के करीब सड़कों पर यातायात ठप रहा। राजधानी और अपर शिमला के आधा दर्जनों रूटों पर बस सेवा प्रभावित रही। रोहतांग दर्रे और मनाली की चोटियों पर हिमपात जारी रहा। मनाली, धर्मशाला और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी झमाझम बारिश हुई है।
आज और कल भारी बारिश की चेतावनी, येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार रविवार और सोमवार को प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है। प्रदेश के कुछ क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। 19 जुलाई तक पूरे प्रदेश में बारिश और चोटियों पर हल्के हिमपात के आसार हैं।
सतलुज, ब्यास किनारे न जाने की हिदायत
सरकार ने नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के बाद सतलुज, ब्यास, रावी नदियों के किनारे न जाने का अलर्ट जारी किया है। इन नदियों पर बने बांधों में पानी बढ़ने पर कभी भी इनके गेट खोले जा सकते हैं।
कहां कितनी बारिश ( मिलीमीटर)
सराहन 110
नयनादेवी 65
बंगाणा 54
ऊना 50
देहरा 42
सोलन 37
संगडाह 32
बड़सर 28
शिमला 24
नाहन 20
सेब, मक्की के लिए फायदेमंद बारिश
इन दिनों सेब का आकार और रंग बनता है। ऐसे में बारिश फायदेमंद है। मक्की की फसल को भी संजीवनी मिली है। अन्य फलों और सब्जियों के लिए भी बारिश अच्छी है।