भारी बारिश का कहर: हिमाचल के बीबीएन और कालाअंब के उद्योग बंद, प्रतिदिन 500 करोड़ का नुकसान
तीन दिन से बिजली और सड़कें बंद होने और कामगारों के नहीं पहुंच पाने से उद्योग कारोबार पूरी तरह ठप पड़ गया है। बीबीएन उद्योग संघ ने मंगलवार को आपात बैठक की, जिसमें संघ अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने बीबीएन क्षेत्र को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
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भारी बारिश से सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) और सिरमौर जिले के कालाअंब में सभी उद्योग बंद होने से प्रतिदिन करीब 500 करोड़ का नुकसान हो रहा है। तीन दिन से बिजली और सड़कें बंद होने और कामगारों के नहीं पहुंच पाने से उद्योग कारोबार पूरी तरह ठप पड़ गया है। बीबीएन उद्योग संघ ने मंगलवार को आपात बैठक की, जिसमें संघ अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने बीबीएन क्षेत्र को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-105 पर हरियाणा भाग में मंड़ावाला, चरणिया और बालद पुल के क्षतिग्रस्त होने से बद्दी और नालागढ़ जाने वाली सभी सड़कें कट गई हैं।
सिसवां के रास्ते चंडीगढ़ मार्ग पर भूस्खलन हो रहा है। यहां तक कि बद्दी और बरोटीवाला को जोड़ने वाले दो लक्कड़ डिपो पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बद्दी इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर से संचालित सीईटीपी निकटवर्ती स्टोन क्रशर और सिरसा नदी से बाढ़ की स्थिति के कारण प्रभावित हुआ है, जिसके कारण इसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। बीबीएन के अधिकांश लोग पिंजौर, कालका, पंचकूला और चंडीगढ़ जैसे आसपास के क्षेत्रों से आवागमन करते हैं। सड़कें बंद होने के कारण बीबीएन क्षेत्र में अपने संबंधित कार्यस्थलों तक नहीं पहुंच सके।
औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में अधिकांश लघु और मझौले उद्योगों ने बिजली बहाल होने तक कामगारों को अवकाश दे दिया है। सिरमौर जिले में भारी बारिश के कारण औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हुआ है। आर्थिक रूप से कमजोर उद्योगों में उत्पादन ठप होकर रह गया। मैनथापल, ओगली, मोगीनंद, ढाकावाला आदि क्षेत्रों में फार्मा उद्योग हैं।
इसके साथ-साथ होम एप्लांसेज, नॉन वूवेन, कांच उद्योग, कास्मेटिक के दो दर्जन के करीब छोटे-बड़े उद्योग चल रहे हैं। इन उद्योगों में तीन दिन से बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाई है। कालाअंब क्षेत्र खैरी, जोहड़ों, भंडारीवाला, मीरपुर कोटला, नागल सकैती, खाराखारी आदि क्षेत्रों में बिजली गुल होने से उद्यमी परेशान हैं। लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष संजय सिंगला, मनोज गर्ग, रमेश गोयल और निखिल आदि ने बताया कि बारिश से उद्योग जगत को करोड़ों का नुकसान पहुंचा है।
चेतावनी जारी...
मंडी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण आज शाम 6 बजे से कल शाम 3 बजे तक पंडोह बांध (मंडी) से पानी छोड़ा जाएगा। नूरपुर पुलिस ने लोगों से अपील है कि वे अगले कुछ दिनों तक निचले इलाकों जैसे नदी, नालों और बांध क्षेत्रों के पास न जाएं।
सड़कों और पुलों को युद्ध स्तर पर ठीक करने और सेना की मदद लेने की उठाई मांग
बीबीएनआईए के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और महासचिव वाईएस गुलेरिया ने राज्य व केंद्र सरकार से मांग की है कि बीबीएन को आपदा घोषित कर यातायात बहाली के लिए एनडीआरएफ की टीमों को जिम्मेदारी दी जाए। इस क्षेत्र में सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए युद्ध स्तर पर योजना बनाई जाए। जो बाढ़ जैसी स्थिति का सामना कर सके और सेना की मदद से आसपास के शहरों से संपर्क मार्ग बहाल किए जाएं।
चार दिन से खड़े हैं ट्रक
चार दिन से उद्योग बंद होने से देश की सबसे बड़ी ट्रक यूनियन नालागढ़ के ट्रक खड़े हो गए हैं। यहां से 4000 ट्रक प्रति दिन बाहरी राज्यों के लिए रवाना होते थे लेकिन मौसम की वजह से अब खड़े हैं। ट्रक यूनियन को रोजाना एक करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंड़वाला, चरनिया के पुल टूटने और बद्दी के पुल से बड़े वाहनों पर रोक लगने से यहां से पिंजौर की ओर कोई भी ट्रक नहीं जा रहा। नालागढ़-भरतगढ़ मार्ग पर दभोटा के समीप पुल में दरारें आने से वह भी बंद है। मंगलवार को एकमात्र रास्ता नालागढ़-ढेरोंवाल चालू रहा, जिसमें कुछ ही ट्रक निकले।
ट्रक संचालक अवतार सिंह, जगजीत सिंह, सुरमुख सिंह, गुरप्रताप सिंह, सुच्चा सिंह, बंसत शर्मा ने बताया कि भारी बारिश से सड़कें बंद हो गई हैं। पंजाब और हरियाणा में पानी भर गया है। गाड़ियों को नुकसान होने से लोगों ने अपने ट्रक खड़े कर दिए हैं। बीबीएन में बहुत कम उद्योग चल रहे हैं। इन उद्योगों से जो माल तैयार होकर निकल रहा है, वह ढेरोंवाल मार्ग से रोपड़ जा रहा है। लेकिन रोपड़ में पानी भरने से ट्रक संचालक ट्रक भेजने से कतरा रहे हैं। उधर, ट्रक यूनियन के महासचिव दिनेश कौशल ने बताया कि ट्रक यूनियन में 10,000 से अधिक ट्रक हैं। प्रतिदिन 4000 ट्रक माल लेकर बाहरी राज्यों के लिए जाते थे। लेकिन पिछले चार दिनों से उद्योगों में काम ठप पड़ा है और बद्दी को जोड़ने वाले अधिकांश पुल टूटने से कोई भी ट्रक नहीं जा रहा है। ट्रक संचालकों को प्रति दिन 90 लाख से एक करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।