HP Information Commission: सूचना आयुक्त बोले- हिमाचल में आरटीआई अपील की सुनवाई वर्चुअल माध्यम से भी होगी
डॉ. गुलेरिया मंडी में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रथम अपील प्राधिकारियों एवं जनसूचना अधिकारियों के ज्ञानवर्धन के लिए आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
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सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत हिमाचल में आरटीआई की अपील की वर्चुअल माध्यम से सुनवाई की व्यवस्था होगी। अगले साल जनवरी महीने से अपीलार्थी की सुनवाई वर्चुअल माध्यम से करने की यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इसके लिए राज्य सूचना आयोग विशेष सॉफ्टवेयर तैयार करा रहा है। इससे लोगों को घर द्वार पर सुविधा मिलने के साथ ही कार्यालयों के चक्कर लगाने से निजात मिलेगी तथा उनके धन व समय की बचत होगी। यह बात राज्य सूचना आयुक्त डॉ. एसएस गुलेरिया ने कही। डॉ. गुलेरिया मंडी में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रथम अपील प्राधिकारियों एवं जनसूचना अधिकारियों के ज्ञानवर्धन के लिए आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर बल देते हुए अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
विभिन्न मामलों में अलग अलग न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्णयों को ध्यान में रखते हुए आरटीआई अधिनियम को लागू करने पर बल दिया। उन्होंने इस दौरान उपस्थित अधिकारियों की विभिन्न जिज्ञासाओं, शंकाओं का समाधान किया और आरटीआई अधिनियम से जुड़े विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट किया। इसे लेकर पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन भी दी गई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन जरूरी हैं ताकि जनसूचना अधिकारियों में आरटीआई एक्ट के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर जागरूकता एवं ज्ञान में बढ़ोतरी हो और कार्यों में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और उत्तरदायित्व लाकर कानून का अधिक प्रभावशाली कार्यान्वयन तय हो। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने सभी मेहमानों का स्वागत करते हुए आरटीआई अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के प्रति जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर चंद, एसडीएम सदर मंडी ओम कांत ठाकुर, एसडीएम पधर सुरजीत संह, सहायक आयुक्त कुलदीप पटियाल, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।