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Himachal News: सीपीएस की नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई 3 अक्तूबर को
Mon, 18 Sep 2023 07:27 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 18 Sep 2023 07:27 PM IST
सार
सोमवार को न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ के समक्ष सरकार ने याचिका की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है।
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हिमाचल हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीपीएस की नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई 3 अक्तूबर को होगी। सोमवार को न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बीसी नेगी की खंडपीठ के समक्ष सरकार ने याचिका की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। अदालत में दलील दी गई कि सभी याचिकाएं हाईकोर्ट के नियमों के अनुसार दायर नहीं की हैं। याचिकाकर्ता ऊना से विधायक सतपाल सिंह सत्ती और 11 अन्य विधायकों ने मामले के अंतिम निपटारे तक सभी सीपीएस को काम करने से रोकने के आदेशों की मांग की थी।
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अदालत ने कहा कि पहले सरकार की ओर से उठाए गुणवत्ता के मामले को निपटाया जाना जरूरी है। बता दें कि सीपीएस की नियुक्तियों को तीन याचिकाओं से चुनौती दी है। सबसे पहले वर्ष 2016 में पीपल फॉर रिस्पांसिबल गवर्नेंस संस्था ने सीपीएस को चुनौती दी थी। नई सरकार की ओर से सीपीएस की नियुक्ति करने पर उन्हें प्रतिवादी बनाए जाने के लिए आवेदन किया गया। उसके बाद मंडी निवासी कल्पना देवी ने भी सीपीएस की नियुक्तियों को लेकर याचिका दायर की गई है।
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भाजपा नेता सत्ती ने उप-मुख्यमंत्री समेत सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती दी है। अदालत सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है। अर्की से सीपीएस संजय अवस्थी, कुल्लू से सुंदर सिंह, दून से राम कुमार, रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा, पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि पंजाब में भी ऐसी नियुक्तियां की गई थीं, जिन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने इन नियुक्तियों को असंविधानिक ठहराया था।
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