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Shimla News: सीएचसी में चिकित्सक का पद खाली, मरीज परेशान
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समय पर नहीं मिल पा रहा उपचार, हफ्ते में एक दिन बैठते हैं चिकित्सक
उपचार के लिए अन्य अस्पतालों का करना पड़ रहा रुख
स्थानीय कई बार कर चुके चिकित्सक की मांग, विभाग कर रहा नजरअंदाज
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) कोटी में चिकित्सक न होने पर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को उपचार के लिए जुन्गा और शिमला का रुख करना पड़ता है। हालात यह है कि बुखार होने पर भी अस्पताल में मरीजों को उपचार की सुविधा नहीं मिल रही है। हालांकि स्वास्थ्य महकमे ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ट्रहाई से एक चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति के आधार पर सीएससी में चिकित्सक की ड्यूटी लगाई है। हफ्ते में एक दिन चिकित्सक कोटी में ड्यूटी देने आते हैं, लेकिन इसका फायदा मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं लेकिन मरीजों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। सीएचसी कोटी में मेडिसन के चिकित्सक के दो पद स्वीकृत हैं। इनमें से एक पद करीब दो वर्षों से रिक्त पड़ा है, जबकि एक चिकित्सक बीते दो माह से अवकाश हैं। क्षेत्र की करीब सात पंचायतों का यह एकमात्र स्वास्थ्य केंद्र है। इस स्वास्थ्य केंद्र में एक फार्मासिस्ट और एक स्टाफ नर्स का पद भी रिक्त है। एक्सरे की सुविधा न होने से मरीजों को एक्सरे करवाने जुन्गा अथवा शिमला जाना पड़ता है।
ग्राम पंचायत कोटी की प्रधान प्रतिभा शर्मा, उपप्रधान बालकृष्ण ठाकुर, वार्ड सदस्य दीक्षा, पूर्व प्रधान रमेश शर्मा, राजाराम, अरविंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने स्थायी चिकित्सक की मांग की है। वहीं, कई बार चिकित्सक भी मांग कर चुके है लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया है। करीब दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री ने कोटी में कॉलेज के नए भवन के उद्घाटन के अवसर पर सीएचसी कोटी में दस बिस्तर का प्रावधान और 108 नेशनल एंबुलेंस प्रदान करने की घोषणा की गई थी लेकिन आज तक पूरी नहीं हुई है। खंड चिकित्सा अधिकारी मशोबरा डॉ. राकेश गोयल ने बताया कि अवकाश पर गई चिकित्सक शीघ्र ही ड्यूटी पर आ जाएगी ।
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उपचार के लिए अन्य अस्पतालों का करना पड़ रहा रुख
स्थानीय कई बार कर चुके चिकित्सक की मांग, विभाग कर रहा नजरअंदाज
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) कोटी में चिकित्सक न होने पर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को उपचार के लिए जुन्गा और शिमला का रुख करना पड़ता है। हालात यह है कि बुखार होने पर भी अस्पताल में मरीजों को उपचार की सुविधा नहीं मिल रही है। हालांकि स्वास्थ्य महकमे ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ट्रहाई से एक चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति के आधार पर सीएससी में चिकित्सक की ड्यूटी लगाई है। हफ्ते में एक दिन चिकित्सक कोटी में ड्यूटी देने आते हैं, लेकिन इसका फायदा मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।
अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं लेकिन मरीजों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। सीएचसी कोटी में मेडिसन के चिकित्सक के दो पद स्वीकृत हैं। इनमें से एक पद करीब दो वर्षों से रिक्त पड़ा है, जबकि एक चिकित्सक बीते दो माह से अवकाश हैं। क्षेत्र की करीब सात पंचायतों का यह एकमात्र स्वास्थ्य केंद्र है। इस स्वास्थ्य केंद्र में एक फार्मासिस्ट और एक स्टाफ नर्स का पद भी रिक्त है। एक्सरे की सुविधा न होने से मरीजों को एक्सरे करवाने जुन्गा अथवा शिमला जाना पड़ता है।
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ग्राम पंचायत कोटी की प्रधान प्रतिभा शर्मा, उपप्रधान बालकृष्ण ठाकुर, वार्ड सदस्य दीक्षा, पूर्व प्रधान रमेश शर्मा, राजाराम, अरविंद शर्मा सहित अन्य लोगों ने स्थायी चिकित्सक की मांग की है। वहीं, कई बार चिकित्सक भी मांग कर चुके है लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया है। करीब दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री ने कोटी में कॉलेज के नए भवन के उद्घाटन के अवसर पर सीएचसी कोटी में दस बिस्तर का प्रावधान और 108 नेशनल एंबुलेंस प्रदान करने की घोषणा की गई थी लेकिन आज तक पूरी नहीं हुई है। खंड चिकित्सा अधिकारी मशोबरा डॉ. राकेश गोयल ने बताया कि अवकाश पर गई चिकित्सक शीघ्र ही ड्यूटी पर आ जाएगी ।
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