जरूर पढें, दो से तीन गुना महंगी होगी मेडिकल शिक्षा
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प्रदेश सरकार चंबा, नाहन और हमीरपुर में खुलने वाले तीन मेडिकल कॉलेजों को सेल्फ फाइनेंस के माध्यम से चलाएगी। इनमें इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और टांडा मेडिकल कॉलेज की अपेक्षा मेडिकल शिक्षा दो से तीन गुना महंगी होगी। कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचली छात्रों से पहले चरण में 3-3 लाख प्रवेश शुल्क लिया जाएगा।
यह आईजीएमसी और टीएमसी में निर्धारित फीस से तीन गुना होगी। तीनों मेडिकल कॉलेजों में 15-15 सीटें एनआरआई के लिए होंगी। सालाना फीस 15 लाख प्रति छात्र होगी। कहा कि जब तक सरकार इन मेडिकल कॉलेजों के लिए भवन का निर्माण नहीं कर लेती, तब तक ये कॉलेज निजी भवनों में ही चलेंगे। उन्होंने दावा किया है कि सरकार ने मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन का चयन किया है।
मेडिकल कॉलेजों में टीचर्स की आयु सीमा 70 साल होगी
ईएसआई मेडिकल कॉलेज का भी सरकार अधिग्रहण करेगी। इसको लेकर श्रम मंत्रालय से बात हो चुकी है। प्रदेश में शुरू होने वाले नए मेडिकल कॉलेजों में टीचर्स की आयु सीमा 70 साल होगी। हालांकि, दूसरे मेडिकल कॉलेजों में 62 की उम्र के बाद टीचर्स सेवानिवृत्त होते हैं। कौल सिंह ने कहा कि दूसरे मेडिकल कॉलेजों से रिटायर होने के बाद उन्हीं टीचर्स को नए मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं देने का मौका मिलेगा।
सीमाओं पर अल्ट्रासाउंड लैब पर रहेगी नजर- हिमाचल-पंजाब की सीमाओं पर अल्ट्रासाउंड लैब पर सरकार की नजर रहेगी। पंजाब सीमाओं से लगते हिमाचल के क्षेत्रों में शिशु लिंगानुपात गिरने के बाद सरकार ने पंजाब सरकार को चिट्ठी लिखी है। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखने की भी बात कही।