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एक अप्रैल से डॉक्टरों की भर्ती को वॉक इन इंटरव्यू
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 18 Mar 2016 10:09 PM IST
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विधायक आशा कुमारी, जयराम ठाकुर, बीके चौहान और महेंद्र सिंह ने डॉक्टरों के पद खाली होने पर सवाल उठाया।
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प्रदेश में एक अप्रैल के बाद हर मंगलवार को डॉक्टरों की भर्ती के लिए वॉक इन इंटरव्यू होगा। इसके बाद इन डॉक्टरों को प्रदेश के उन पीएचसी-सीएचसी में लगाया जाएगा, जहां पद खाली हैं। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने यह जानकारी सदन में दी। कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 2745 स्वास्थ्य संस्थान हैं।
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इनके लिए विभिन्न श्रेणियों के 18919 पद सृजित किए गए थे। इनमें विभिन्न श्रेणियों के 6169 पद 1970 से 2016 तक रिक्त हैं। विधायक आशा कुमारी, जयराम ठाकुर, बीके चौहान और महेंद्र सिंह ने ये पद खाली होने पर सवाल उठाया। विधायकों का कहना था कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने से प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचा चरमराया हुआ है।
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लोग इलाज के अभाव में दूसरी जगह जाने को मजबूर हैं। कौल सिंह ने बताया ये पद खाली होने के लिए रिटायरमेंट के अलावा नए पदों के सृजित होने और वीआरएस लेने तथा कर्मचारियों की मृत्यु कारण रही है। सरकार इन्हें भरने के प्रयास कर रही है। हाल ही में विभिन्न श्रेणी के करीब चार सौ पद भरने को कैबिनेट ने मंजूरी दी।
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सरकार इस बात पर भी ध्यान दे रही है कि प्रदेश के 37 पीएचसी, 121 सब हेल्थ सेंटर जो कर्मचारियों की कमी के चलते बंद हैं, उन्हें जल्द फंक्शनल किया जाए। नई भर्ती होने पर सबसे पहले इन्हीं पुराने स्वास्थ्य संस्थानों में तैनाती दी जाएगी। इसके बाद नए
खुल रहे संस्थानों में नियुक्ति कर उन्हें फंक्शनल किया जाएगा। अब स्वास्थ्य विभाग 300 पुरु ष हेल्थ वर्करों को ट्रेनिंग देने की तैयारी कर रहा है। सौ के करीब महिला हेल्थ वर्कर की नियुक्ति सबऑर्डिनेट भर्ती बोर्ड हमीरपुर से होने के बाद खाली संस्थानों में तैनात किए जाएंगे।
प्रदेश में 17 करोड़ से बनेंगे पांच ट्रॉमा सेंटर- अगले एक साल में प्रदेश के पांच जिलों में ट्रॉमा सेंटर मिल जाएंगे। केंद्र को भेजे प्रस्तावों में से केंद्र सरकार ने डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा और रीजनल अस्पताल मंडी में लेवल 2, रीजनल अस्पताल हमीरपुर, रीजनल अस्पताल चंबा और रामपुर के खनेरी अस्पताल में लेवल 3 का ट्रॉमा सेंटर बनाने को मंजूरी दी है।
स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ने विधायक कुलदीप कुमार के सवाल पर बताया कि वर्तमान में राज्य में सिर्फ रीजनल अस्पताल बिलासपुर और कुल्लू में ट्रॉमा सेंटर चल रहे हैं। 17 करोड़ से बनने वाले पांच ट्रॉमा सेंटरों से लोगों को सहूलियत होगी। केंद्र ने 80 लाख रुपये प्रति ट्रामा सेंटर जारी किए हैं।
ट्रॉमा सेंटरों में उपकरण खरीद को करीब 12 करोड़ जारी किए हैं। अजय महाजन, कुलदीप कुमार, संजय रतन सुरेश भारद्वाज समेत कई विधायकों ने अलग-अलग क्षेत्रों में ट्रॉमा सेंटर खोलने की मांग रखी। इस पर मंत्री ने बताया कि सरकार ट्रॉमा सेंटर के प्रस्ताव केंद्र को भेजती है।
इसके बाद केंद्र की टीम निरीक्षण कर ये खोलने या न खोलने का निर्णय लेती है। बताया कि केंद्र ने नेशनल हाइवे के आसपास हर 100 किलोमीटर की दूरी पर एक ट्रॉमा सेंटर खोलने की व्यवस्था की है। ऐसे में विधायकों के प्रस्ताव भी केंद्र को भेजे जा सकते हैं।
90:10 से बनेगा इंडस अस्पताल का ट्रामा सेंटर- विधायक सुरेश भारद्वाज ने आईजीएमसी में ट्रॉमा सेंटर बनाने का सवाल किया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इंडस अस्पताल में आईजीएमसी का ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा। एमओयू भी साइन हो चुका है। केंद्र की टीम निरीक्षण कर चुकी है। लेवल वन वाले इस ट्रॉमा सेंटर के निर्माण को केंद्र 90 प्रतिशत राशि देगा। राज्य सरकार 10 प्रतिशत राशि व्यय करेगी।