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नड्डा ने सांसदों और एक्टरों संग टीबी को खत्म करने का लिया प्रण
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
Updated Sat, 08 Apr 2017 08:15 PM IST
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टीबी मुक्त भारत के पहले शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में दुनिया भर के विशेषज्ञों, सांसदों और बॉलीवुड हस्तियों ने भारत से टीबी के उन्मूलन पर मंथन किया। सांसद अनुराग ठाकुर ने क्रिकेट स्टेडियम में हस्तियों का स्वागत किया। मुख्यातिथि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं और दवाइयों पर नियंत्रण रखने को डिजिटल इंडिया का सहारा लिया जाएगा।
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इससे पीएचसी, सीएचसी और जिला अस्पतालों में सुविधाओं पर नजर रखी जाएगी। संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम से भारत में 3.5 लाख मौतों में कमी आई है। भारत से टीबी रोग को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। वर्ष 2000 के मुकाबले वर्ष 2015 में टीबी के मामलों में 38 प्रतिशत कमी आई है, लेकिन यह संतुष्टि योग्य आंकड़ा नहीं है। इसके उन्मूलन को अभी लंबा सफर तय करना पड़ेगा।
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वर्ष 2025 तक टीबी को पूरी तरह खत्म करना है तो पुख्ता रणनीति बनाने की जरूरत है। नई राष्ट्रीय योजना बनाने पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। एक माह में यह योजना शुरू की जाएगी। पिछले तीन वर्ष में स्वास्थ्य विभाग के बजट में बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने राज्यों में स्वास्थ्य पर बजट खर्च करने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया।
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इससे पहले केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान पर अनुराग ठाकुर के प्रयासों को सराहा। शिखर सम्मेलन में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने टीबी रोग की रोकथाम और इसके कारणों के बारे में बताया। एनआईटीआरडी के निदेशक डॉ. रोहित सरीन ने कहा कि अधिकतर मरीजों में रोग टीबी संक्रमित व्यक्ति से भी फैलता है।
संक्रमण पर रोकथाम जल्द लगाने पर काम होना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में मिलने वाली सुविधाओं में सुधार मसलन टीबी रोगियों के लिए अलग ओपीडी पर जोर दिया। वर्ल्ड लंग फाउंडेशन साउथ एशिया के लिए काम करने वाले डॉ. जीआर खतरी ने भी वक्तव्य दिया।
विशेषज्ञों ने खुलासा किया कि 60 प्रतिशत से ज्यादा मरीज सरकारी अस्पतालों की बजाय निजी स्वास्थ्य केंद्रों में जाना पसंद करते हैं। सम्मेलन में पंचायतीराज मंत्री अनिल शर्मा, कॉमेडियन एवं आम आदमी पार्टी के संयोजक गुरप्रीत सिंह घुग्गी, उप महानिदेशक टीबी डॉ. सुनील खापरड़े, राज्य टीबी अधिकारी डॉ. आरके भारिया आदि मौजूद रहे।