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Kullu News: घर के पास मिल रही थी स्वास्थ्य सुविधा, अब लग रही 35 किमी की दौड़
Wed, 08 Feb 2023 11:51 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 08 Feb 2023 11:51 AM IST
सार
बाह्य सराज की रघुपुर घाटी की करशैईगाड़ पंचायत में चुनाव से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला था। लेकिन कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने सता में आते ही इसे बंद करवा दिया। अब लोगों को पहले की तरह से 35 किलोमीटर दूर आनी जाकर अपना इलाज करना पड़ रहा है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करशैईगाड़ बंद।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पूर्व की भाजपा सरकार ने कुल्लू के बाह्य सराज की रघुपुर घाटी की करशैईगाड़ पंचायत में चुनाव से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोला था। इस स्वास्थ्य केंद्र के खुलने से लोगों को बड़ी राहत मिली और करीब तीन दशक पुरानी मांग पूरी हो गई थी। करशैईगाड़ स्वास्थ्य केंद्र में करशैईगाड़ के साथ फनौटी, लगौटी और टकरासी पंचायतों के मरीज उपचार के लिए आते थे। वहीं सीमांत लगते मंडी जिऐ की झरेड़ और बगड़ाथाच पंचायतों के मरीजों के लिए भी नजदीक हो गया था। करीब साढे़ छह माह तक चले केंद्र में उपरोक्त छह से सात पंचायतों के करीब 2,000 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
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घर-द्वार के पास उपचार मिलने से लोगों में खुशी की लहर थी, लेकिन कांग्रेस की सुक्खू सरकार ने सता में आते ही इसे बंद करवा दिया। अब लोगों को पहले की तरह से 35 किलोमीटर दूर आनी जाकर अपना इलाज करना पड़ रहा है। करशैईगाड़ स्वास्थ्य केंद्र को आठ जुलाई 2022 को खोला गया था। लोगों की यह मांग 30 साल पुरानी थी। सरकार ने यहां डॉक्टर की तैनाती की और लोगों को घर-द्वार में उपचार मिलना शुरू हो गया। दिसंबर को डिनोटिफाई होने के बाद पीएचसी करशैईगाड़ 24 जनवरी 2023 को बंद कर दिया गया। डाॅक्टर का भी दूसरी जगह के लिए तबादला किया गया।
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कांग्रेस को पसंद नहीं आई जनहित की सुविधाएं
पूर्व की भाजपा सरकार ने जो स्वास्थ्य केंद्र खोले थे, वह जनता के हित में थे। करशैईगाड़ पीएचसी भी इसमें एक था। छह पंचायतों के करीब 10,000 लोगों को इसका लाभ मिल रहा था। मगर कांग्रेस को यह पसंद नहीं आया और सता में आते ही पीएचसी को बंद कर दिया। - जमुना ठाकुर, भाजपा नेत्री पूर्व पंचायत समिति अध्यक्ष
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बिना बजट के खोले गए थे संस्थान
भाजपा की पूर्व सरकार ने चुनाव को देखते हुए आनन-फानन में बिना बजट के कई संस्थानों को खोला था। कांग्रेस सरकार अब इनकी समीक्षा कर रही है। जो संस्थान जनता के हित में होंगे, उनको फिर से खोला जाएगा। जनता का हित सर्वोपरि है।-यूपेंद्र कांत मिश्रा अध्यक्ष आनी कांग्रेस कमेटी
करशैईगाड़ में खुली पीएचसी से लोगों को घर-द्वार पर स्वास्थ्य सुविधा मिलना आरंभ हो गई थी। रोज 10 से 15 मरीजों की ओपीडी रहती थी। अब लोगों को 35 किलोमीटर दूर इलाज के लिए जाना पड़ेगा। इसे आम लोगों को समय के साथ धन की बर्बादी हो रही है। फौजी लाल शर्मा, ग्रामीण
पीएचसी करशैईगाड़ को बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को जनता के हितों को ख्याल रखना चाहिए। स्वास्थ्य केंद्र के बंद होने से लोगों में सरकार के प्रति रोष है। सरकार अपने फैसले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि लोगों को घर-द्वार लाभ मिल सके। -प्रताप ठाकुर, ग्रामीण
करशैईगाड़ के लोगों की यह मांग करीब 30 साल पुरानी थी। पंचायत के केंद्र स्थल देहुरी में खुले स्वास्थ्य केंद्र से आम लोगों को बड़ी राहत मिली थी। मंडी जिले की दो पंचायतों के लोगों को भी इसकी सुविधा मिल रही थी।
-शिव राज भारद्वाज,ग्रामीण