पुलिस का खुलासा: हरबीर व परमजीत ने ही लगाए रोपड़ और धर्मशाला में खालिस्तान के झंडे
एसएसपी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस ने रोपड़ पुलिस के सहयोग से मोरिंडा निवासी हरबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि रुड़कीहीरां निवासी पम्मा फरार है।
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रोपड़ सचिवालय और हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के तपोवन में विधानसभा के मुख्य गेट पर खालिस्तान के पोस्टर और झंडे हरबीर और परमजीत सिंह पम्मा ने ही लगाए थे। शुक्रवार को रोपड़ के एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका खुलासा किया। तपोवन में 7 मई की रात झंडे लगाए गए थे। एसएसपी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पुलिस ने रोपड़ पुलिस के सहयोग से मोरिंडा निवासी हरबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि रुड़कीहीरां निवासी पम्मा फरार है। वहीं शुक्रवार को चमकौर साहिब पुलिस ने पम्मा के सगे भाई करनजीत सिंह उर्फ लाडी को फतेहगढ़ साहिब में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सुबह पुलिस की एक टीम फतेहगढ़ साहिब के सब डिवीजन खमाणों के गांव कमली पहुंची, जहां से करनजीत को उसकी बुआ के घर से हिरासत में लिया।
उधर, एसएसपी डॉ. गर्ग ने बताया कि रोपड़ पुलिस मामले को लेकर बड़ी संजीदगी से जांच कर रही थी। इसी बीच तपोवन विधानसभा के बाहर हुई घटना के ठोस सुराग हिमाचल पुलिस को मिले। इसके बाद मोरिंडा निवासी हरबीर की गिरफ्तारी रोपड़ पुलिस के सहयोग से की गई। एसएसपी ने बताया कि हिमाचल ले जाने से पहले मोरिंडा थाने में हरबीर ने प्राथमिक पूछताछ में माना कि उसने और पम्मा ने ही दोनों जगह खालिस्तान के पोस्टर और झंडे लगाए थे। हरबीर पर लूट और लड़ाई-झगड़े के दो केस दर्ज हैं, जबकि पम्मा पर कत्ल समेत कई धाराओं के तहत सात केस दर्ज हैं। इसके पीछे देश विरोधी संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसजेएफ) का हाथ लग रहा है और इसकी जांच की जा रही है।
देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ हर हिमाचली एकजुट: सीएम
वहीं, सीएम जयराम ने ट्वीट किया कि धर्मशाला में खालिस्तानी झंडे लगाने और दीवार पर स्लोगन लिखने वाले दूसरे आरोपी को भी पंजाब से गिरफ्तार कर लिया गया है। देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ हर हिमाचली एकजुट है।