Hamirpur News: तीन वर्ष कोटखाई में सेवाएं देने के बाद हमीरपुर में महिला शिक्षक को नहीं मिली नियुक्ति
सोनिका जब उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में ज्वाइनिंग देने आईं तो वहां पर अधिकारी ने बताया कि यहां यह पद खाली नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शिक्षा निदेशालय ने एक महिला शिक्षक के हमीरपुर में जिला विज्ञान पर्यवेक्षक के पद पर नियुक्ति के आदेश 07 अगस्त को जारी कर दिए हैं, लेकिन महिला को नियुक्ति नहीं दी गई है। विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर निवासी सोनिका प्रदेश शिक्षा विभाग में टीजीटी नॉन मेडिकल के पद पर भर्ती हैं। उन्होंने तीन वर्ष शिमला जिले के कोटखाई में सेवाएं देने के बाद 14 अक्तूबर 2022 को हमीरपुर में खंड स्रोत समन्वयक प्राइमरी (बीआरसीसी) के पद पर ज्वाइन किया, लेकिन यहां महज 9 माह सेवाएं देने के बाद 14 जुलाई 2023 को प्रदेश शिक्षा विभाग ने बीआरसीसी को वापस स्कूलों में भेजने के आदेश जारी कर दिए।
इन आदेशों के बाद टीजीटी नॉन मेडिकल सोनिका का तबादला मंडी जिला के राजकीय माध्यमिक पाठशाला रोड, जरोल में कर दिया गया। सोनिका की सास बीमारी की वजह से बिस्तर पर है। साथ ही वह कोटखाई में तीन वर्ष तक सेवाएं दे चुकी हैं। इसके चलते उसने प्रदेश उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने 21 जुलाई 2023 को सोनिका को हमीरपुर जिला में ही कहीं भी नियुक्ति देने के प्रदेश शिक्षा विभाग को आदेश दिए।
न्यायालय के आदेशों की पालना करते हुए 07 अगस्त को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने उनका तबादला जिला विज्ञान पर्यवेक्षक के पद पर कर दिया। लेकिन गत दिवस सोमवार को जब वह उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में ज्वाइनिंग देने आईं तो वहां पर अधिकारी ने बताया कि यहां यह पद खाली नहीं है। सोनिका ने कहा कि उसे सिर्फ 9 माह ही बीआरसीसी के पद पर सेवाएं देने के बाद विभाग ने हटाया है।
10 जिलों के जिला विज्ञान पर्यवेक्षकों को भी हटाया तो हमीरपुर और बिलासपुर के विज्ञान पर्यवेक्षक को क्यों नहीं विभाग ने हटाया। महिलाओं के साथ इस तरह का भेदभाव क्यों। क्योंकि प्रदेश के कुल 148 बीआरसीसी में वह केवल अकेली महिला बीआरसीसी के पद पर नियुक्त थीं। उधर, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि सभी तबादला आदेश निदेशालय से ही जारी होते हैं, इसमें प्रारंभिक शिक्षा विभाग की कोई भूमिका नहीं।
यह महिला शिक्षक भी हुई हैं प्रताड़ित
जिला हमीरपुर में इससे पूर्व 28 जून को राजकीय उच्च पाठशाला ब्राहलड़ी में सेवारत टीजीटी नॉन मेडिकल पूजा थापर का तबादला शिक्षा विभाग ने राजकीय उच्च पाठशाला गुलेला के लिए किया, लेकिन ज्वाइनिंग देने के कुछ घंटों के बाद पूजा के तबादला आदेश रद्द कर दिए गए। इसके बाद 26 जुलाई 2023 को शिक्षा विभाग ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दाड़लाघाट सोलन में सेवारत टीजीटी नॉन मेडिकल मीनू रानी का तबादला हमीरपुर के रावमापा बोहणी के लिए किया, लेकिन यहां ज्वाइनिंग देने के बाद मीनू रानी का तबादला रद्द कर दिया गया।
मई माह में उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में कार्यकारी उपनिदेशक शकुंतला पटियाल ने ज्वाइन किया, लेकिन 03 अगस्त को उनका तबादला भी रावमापा कांगू में प्रधानाचार्य के पद पर कर दिया गया। वर्तमान में उच्चतर शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर और शिक्षा निरीक्षण विंग हमीरपुर दोनों जगह उपनिदेशक के पद खाली चल रहे हैं।