घर में उगाया नेपाल का रुद्राक्ष, अफगान का अंजीर, युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
खेतीबाड़ी और बागवानी का जुनून ऐसा कि देश-विदेश के दर्जनों फलदार पेड़, मसाले और औषधीय पौधे अपने बगीचे में ही उगाकर दिए। कई फल तो ऐसे हैं जो आपको हिमाचल में और कहीं मिलेंगे ही नहीं। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुजानपुर क्षेत्र के प्रगतिशील किसान कश्मीर सिंह एक मिसाल बनकर उभरे हैं।
वह अपनी आर्थिकी ही नहीं बढ़ा रहे, बल्कि बेरोजगार युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। दूर-दूर से लोग उनके बगीचे को देखने आ रहे हैं। सुजानपुर के गरोड़ू के रहने वाले कश्मीर सिंह ने अपने बगीचे में नेपाल का रुद्राक्ष और अफगानी अंजीर, मालदा और गुजरात का अलफांसो किस्म का आम, ओडिसा की मग, केरल का नारियल, काली मिर्च, सुपारी, कोलकाता का हींग और लौंग उगाया है।
इसके अलावा असम की मसाला चाय, अर्जुन, अखरोट, कश्मीर का सेब, छोटी इलायची के अलावा कई फलदार पेड़ भी लगाए हैं।
बर्फ के टुकड़े रखते हैं सेब के पौधे की जड़ों में
कश्मीर सिंह ने कई ठंडे राज्यों के फल-मसाले उगाए हैं। हमीरपुर में गर्मी के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में उगने वाले पौधों को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में कश्मीर सिंह अपने बगीचे में लगाए कश्मीरी सेब के पौधों को गर्मी से बचाने और तापमान को कम करने के लिए बर्फ के टुकड़ों को जड़ों में रखते हैं।
कैसे जुटाए देश-विदेश के पौधे- कश्मीर सिंह का कहना है कि वह और उसका बेटा दिल्ली में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते हैं। दिल्ली में विभिन्न राज्यों से आने वाले ट्रक चालक उनके संपर्क में हैं।
वे असम, केरल, गुजरात व कश्मीर समेत अन्य राज्यों से पौधों को मंगवाते रहते हैं। इसी तरह विदेशी पर्यटकों से भी संपर्क रहता है। कश्मीर सिंह ने कहा कि उसे बचपन से ही खेतीबाड़ी और बागवानी में गहरी रुचि है।
क्या कहते हैं उद्यान विभाग के अधिकारी
उद्यान विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डॉ. आरके धीमान ने कहा कि कश्मीर सिंह ने सराहनीय कार्य किया है। अगर कोई नियमों के तहत 5 कनाल या इससे अधिक जमीन पर बागवानी करता है तो ही उसे विभाग की सुविधाएं दी जा सकती हैं।
कोई भी बागवान उद्यान विभाग के प्रसार अधिकारी और विशेषज्ञों से सलाह या सुविधा ले सकता है।