आधा दर्जन नदियों और खड्डों का होगा तटीयकरण: महेंद्र
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कोरोना के खतरे के बीच ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जो क्षेत्र एडीबी और जेजेएम योजना के तहत कवर नहीं होंगे, उन क्षेत्रों को ब्रिक्स योजना के तहत कवर किया जाएगा। प्रदेश की विभिन्न नदियों के तटीयकरण के लिए पांवटा की पब्बर नदी पर 190 करोड़, यमुना नदी के लिए 250 करोड़, कांगड़ा की नकेर खड्ड के तटीयकरण के लिए 231 करोड़, सीर खड्ड के लिए 160 करोड़, मंडी की सकरैण खड्ड के लिए 145 करोड़, रेणुका बांध के लिए 6800 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।
प्रदेश के हर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा देने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत प्रथम चरण में 111 परियोजनाओं के लिए सवा सौ करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। 367 करोड़ खर्च कर प्रदेश की 14 अन्य योजनाओं का निर्माण कार्य किया जा रहा है। अगले चरण में 101 योजनाओं के निर्माण पर 800 करोड़ खर्च किया जाना प्रस्तावित है।
धारा-118 के मामलों को ऑनलाइन दी जाएगी मंजूरी
महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में हजारों ऐसे परिवार हैं, जिनके पास घर बनाने के लिए जमीन नहीं है। ऐसे में सरकार की ओर से उन्हें शहरी क्षेत्रों में दो विस्वा और ग्रामीण क्षेत्रों में 3 विस्वा जमीन देने पर विचार किया जा रहा है। धारा-118 की पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके अलावा राजस्व विभाग में सुधारीकरण की प्रक्रिया जारी है।
1700 करोड़ से हर घर को मिलेगा स्वच्छ पेयजल
महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए 4500 करोड़ की पेयजल योजना केंद्र सरकार को स्वीकृति के लिए भेजी थी। इसमें प्रथम चरण में 1700 करोड़ पूरे प्रदेश में खर्च कर पेयजल की समस्या को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।