हिमाचल में भारी ओलावृष्टि से तबाह हुअा सेब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस बार सेब की अच्छी पैदावार की आस लगाए बैठे बागवानों की उम्मीदों पर मौसम ने पानी फेर दिया है। शिमला के अधिकतर सेब उत्पादक इलाकों में भारी ओलावृष्टि हुई है।
राजधानी की कोटखाई तहसील के हिमरी, क्यारवी, रामनगर और नगान पंचायतों में रविवार शाम को भारी ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई। इससे सेब के पौधों को भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित क्षेत्र के बागवानों ने सरकार राहत की मांग की है।
ओलावृष्टि से यहां की चार पंचायतों में सेब के पत्ते और फूल जमीन पर बिखर गए हैं। सब्जियों और अन्य फसलों को भी ओलों से क्षति हुई है। बागवान देवी राम डोगरा, विवेक डोगरा, मुन्नी लाल, पूर्ण चंद, जीत राम, प्रेम चंद डोगरा, सोहन लाल, चफी राम, दुर्गा दत्त, भगत राम, धर्म दास, मदन लाल, का कहना है कि करीब आधा घंटा हुई ओलावृष्टि से भारी नुकसान हो गया है।
कुल्लू में भी ओलावृष्टि से भारी नुकसान
उधर, कुल्लू में रविवार रात दो पंचायतों में जमकर ओलावृष्टि हुई। क्षेत्र में चार से पांच इंच तक ओलावृष्टि हुई है जिससे सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
इन इलाकों में फ्लावरिंग के बाद सेब की सेटिंग हो चुकी थी, लेकिन रात को हुई ओलावृष्टि ने सब कुछ तबाह कर दिया है।
क्षेत्र के बागवानों ने विभाग से मांग की है कि नुकसान का जायजा लिया जाए और प्रभावित बागवानों को इसका मुआवजा दिया जाए। वहीं बागवानी विभाग के एसएमएस उद्यान राकेश गोयल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया जाएगा।
तबाह हुई फसल के लिए मांगा मुआवजा
ओलावृष्टि से सोलन जिले में भी शिमला मिर्च और टमाटर की खेती को भारी नुकसान पहुंचा है।
अन्य इलाकों में भी फसलें और सब्जियां ओलावृष्टि से तबाह हो गई हैं। कई बागवानों को साल भर की रोजी रोटी की चिंता सताने लगी है। बागवानों ने सरकार से प्रभावित क्षेत्र में नुकसान के आकलन के बाद राहत की मांग की है।
मुख्य संसदीय सचिव रोहित ठाकुर ने कोटखाई तहसील की हिमरी, क्यारवी, रामनगर नगान, जुब्बल के मंढ़ोल, कायना और कोट सारी सहित सभी प्रभावित पंचायतों में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लेने के आदेश दिए हैं।