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Shimla News: केएनएच में पहले बना दीं गायनी ओपीडी की पर्चियां, फिर भेज दिया आईजीएमसी
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अव्यवस्था के चलते दिनभर परेशान होती रहीं महिलाएं, बाद में दिए गए काउंटर कर्मी को गायनी की पर्ची न बनाने के निर्देश
केएनएच में अब प्रसूता महिलाओं का ही होगा उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में गायनी से संबंधित उपचार और चेकअप के लिए वीरवार को पहुंचीं महिलाओं को ओपीडी शिफ्ट होने के बाद खूब भागदौड़ करनी पड़ी। इससे महिलाएं दिनभर परेशान रहीं। केएनएच में सुबह 9:00 बजे पर्ची काउंटर के खुलने के बाद मरीजों की पर्चियां बनाईं गईं।
पर्ची काउंटर को पहले कोई निर्देश नहीं थे कि गायनी ओपीडी की पर्ची आज यहां नहीं बनानी हैं, इसलिए काउंटर पर गायनी की पर्चियां भी बनती रहीं। मरीजों को करीब आधे घंटे बाद इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में चल रही ओपीडी में जांच करवाने को कहा गया। पर्ची काउंटर पर आईं 30 महिला मरीजों को बाद में आईजीएमसी जाना पड़ा। यह मरीज रामपुर, करसोग, कुमारसेन, सोलन से उपचार के लिए केएनएच आईं थीं।
कई मरीजों को चिकित्सकों ने वीरवार को फॉलोअप के लिए बुलाया था। महिलाओं ने एंटीनेटल ओपीडी में जाकर पता किया तो चिकित्सकों को पता चला कि गायनी मरीज भी यहां उपचार के लिए आ रही हैं। इसके बाद चिकित्सकों ने पर्ची काउंटर पर गायनी मरीजों की पर्ची न बनाने को कहा। साथ ही पर्ची काउंटर पर बैठे कर्मी को निर्देश दिए कि वह गायनी से संबंधित मरीजों को आईजीएमसी भेजें। केएनएच में सिर्फ प्रसूता महिलाओं का ही उपचार होगा। पहले गायनी और प्रसूता महिलाओं का केएनएच में ही उपचार होता था। लेकिन अब सरकार ने गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया है और केएनएच में सिर्फ प्रसूता महिलाओं का ही उपचार किया जा रहा है।
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सरकार ने किया गलत
करसोग से आई शांता ने बताया कि 20 दिन पहले उन्होंने टेस्ट करवाए थे और उपचार हुआ था। इसके बाद चिकित्सक ने 16 अप्रैल को चेकअप के लिए बुलाया था। आज अस्पताल आईं तो पता चला कि अब आईजीएमसी में ओपीडी सुविधा मिलेगी। सरकार ने यह गलत किया है।
अब होना पड़ेगा परेशान
रामपुर से आई मंजू ने कहा कि अब उन्हें आईजीएमसी में धक्के खाने पर मजबूर होना पड़ेगा। सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर कोई ध्यान नहीं दिया है। आईजीएमसी में गाड़ी तक लगाने की जगह नहीं है। इसके साथ वहां पर कोई सुविधा नहीं है। पुरानी ओपीडी में बिना जांच परख ओपीडी को शुरू करने का कार्य किया है। अब महिलाओं को परेशान होना पड़ेगा।
नहीं थी कोई जानकारी
करसोग की हेमलता ने बताया कि यह जानकारी नहीं थी कि सरकार ने ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया है। पहले सुबह पर्ची बना दी थी। इसके बाद आईजीएमसी में जाने के लिए कह दिया। इससे समय भी बर्बाद हुआ है। सरकार स्वास्थ्य के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रही है। केवल परेशानी में डालने का कार्य चल रह है।
सरकार की समझ नहीं आई मजबूरी
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की सचिव फालमा चौहान ने बताया कि सरकार ने गायनी ओपीडी को आईजीएमसी में आनन-फानन में शिफ्ट किया है। एक ही विभाग का विभाजन किया है और जबकि दोनों विभाग एक दूसरे के पूरक हैं। प्रश्न किया कि गायनी ओपीडी को आईजीएमसी स्थानांतरण करने की क्या मजबूरी थी। सरकार को नहीं पता कि जल्दबाजी में इसके परिणाम क्या होंगे। इससे सरकार को पहले ही अध्ययन करना चाहिए।
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केएनएच में अब प्रसूता महिलाओं का ही होगा उपचार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में गायनी से संबंधित उपचार और चेकअप के लिए वीरवार को पहुंचीं महिलाओं को ओपीडी शिफ्ट होने के बाद खूब भागदौड़ करनी पड़ी। इससे महिलाएं दिनभर परेशान रहीं। केएनएच में सुबह 9:00 बजे पर्ची काउंटर के खुलने के बाद मरीजों की पर्चियां बनाईं गईं।
पर्ची काउंटर को पहले कोई निर्देश नहीं थे कि गायनी ओपीडी की पर्ची आज यहां नहीं बनानी हैं, इसलिए काउंटर पर गायनी की पर्चियां भी बनती रहीं। मरीजों को करीब आधे घंटे बाद इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में चल रही ओपीडी में जांच करवाने को कहा गया। पर्ची काउंटर पर आईं 30 महिला मरीजों को बाद में आईजीएमसी जाना पड़ा। यह मरीज रामपुर, करसोग, कुमारसेन, सोलन से उपचार के लिए केएनएच आईं थीं।
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कई मरीजों को चिकित्सकों ने वीरवार को फॉलोअप के लिए बुलाया था। महिलाओं ने एंटीनेटल ओपीडी में जाकर पता किया तो चिकित्सकों को पता चला कि गायनी मरीज भी यहां उपचार के लिए आ रही हैं। इसके बाद चिकित्सकों ने पर्ची काउंटर पर गायनी मरीजों की पर्ची न बनाने को कहा। साथ ही पर्ची काउंटर पर बैठे कर्मी को निर्देश दिए कि वह गायनी से संबंधित मरीजों को आईजीएमसी भेजें। केएनएच में सिर्फ प्रसूता महिलाओं का ही उपचार होगा। पहले गायनी और प्रसूता महिलाओं का केएनएच में ही उपचार होता था। लेकिन अब सरकार ने गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया है और केएनएच में सिर्फ प्रसूता महिलाओं का ही उपचार किया जा रहा है।
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सरकार ने किया गलत
करसोग से आई शांता ने बताया कि 20 दिन पहले उन्होंने टेस्ट करवाए थे और उपचार हुआ था। इसके बाद चिकित्सक ने 16 अप्रैल को चेकअप के लिए बुलाया था। आज अस्पताल आईं तो पता चला कि अब आईजीएमसी में ओपीडी सुविधा मिलेगी। सरकार ने यह गलत किया है।
अब होना पड़ेगा परेशान
रामपुर से आई मंजू ने कहा कि अब उन्हें आईजीएमसी में धक्के खाने पर मजबूर होना पड़ेगा। सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर कोई ध्यान नहीं दिया है। आईजीएमसी में गाड़ी तक लगाने की जगह नहीं है। इसके साथ वहां पर कोई सुविधा नहीं है। पुरानी ओपीडी में बिना जांच परख ओपीडी को शुरू करने का कार्य किया है। अब महिलाओं को परेशान होना पड़ेगा।
नहीं थी कोई जानकारी
करसोग की हेमलता ने बताया कि यह जानकारी नहीं थी कि सरकार ने ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया है। पहले सुबह पर्ची बना दी थी। इसके बाद आईजीएमसी में जाने के लिए कह दिया। इससे समय भी बर्बाद हुआ है। सरकार स्वास्थ्य के प्रति कोई ध्यान नहीं दे रही है। केवल परेशानी में डालने का कार्य चल रह है।
सरकार की समझ नहीं आई मजबूरी
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की सचिव फालमा चौहान ने बताया कि सरकार ने गायनी ओपीडी को आईजीएमसी में आनन-फानन में शिफ्ट किया है। एक ही विभाग का विभाजन किया है और जबकि दोनों विभाग एक दूसरे के पूरक हैं। प्रश्न किया कि गायनी ओपीडी को आईजीएमसी स्थानांतरण करने की क्या मजबूरी थी। सरकार को नहीं पता कि जल्दबाजी में इसके परिणाम क्या होंगे। इससे सरकार को पहले ही अध्ययन करना चाहिए।