Shimla: महिला आयोग में शिकायत लेने की गारंटी, दो साल से सुनवाई तक नहीं
प्रदेश राज्य महिला आयोग में इस समय शिकायत लेने की तो गारंटी है लेकिन सुनवाई की नहीं।
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हिमाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग में इस समय शिकायत लेने की तो गारंटी है लेकिन सुनवाई की नहीं। जी हां, कारण यह है कि करीब दो साल से महिला आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली हैं। इसके कारण दो साल से इसकी बेंच ही नहीं लगी है। ऐसे में यहां आने वाली महिलाओं से शिकायत तो ली जा रही है लेकिन उनपर सुनवाई नहीं हो पा रही है। घरेलू हिंसा, प्रताड़ना से परेशान महिलाएं आयोग के दफ्तर के चक्कर काट रही हैं। पिछले दो साल में आयोग के पास 1,300 से ज्यादा महिलाएं अपनी शिकायतें दर्ज करवा चुकी हैं। टुटीकंडी क्रॉसिंग स्थित एमसी पार्किंग की चौथी मंजिल में प्रदेश महिला आयोग का कार्यालय चल रहा है। यहां दिसंबर 2022 से अध्यक्ष का पद खाली होने से अदालत नहीं लग पाई है।
प्रदेश में कांग्रेस की सुक्खू सरकार के सत्ता संभालने के बाद नए अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति होनी थी।सत्ता परिवर्तन के साथ ही निवर्तमान अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने खुद को आयोग से अलग कर लिया था। इसके साथ ही मनोनीत सदस्यों की पद भी खाली हो गए थे। लेकिन सरकार बनने के दो साल बाद भी आयोग में अध्यक्ष पद नहीं भरा गया है। ऐसे में आयोग में सिर्फ महिलाओं की शिकायतें ही दर्ज हो रही हैं। शिकायतें दर्ज कराने के बाद महिलाएं अपने मामलों में सुनवाई की तारीख पता करने के लिए दफ्तर के चक्कर काट रही हैं। हालांकि लंबे समय से दर्ज शिकायतों को आयोग की ओर से काउंसलिंग के जरिये सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामला ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें पुलिस के पास भेजा जाता है। जानकारी के अनुसार, पुलिस के पास जाने से डर रही ज्यादातर महिलाएं अपनी शिकायतें दबा रही हैं।
1,300 शिकायतें दो साल में आईं न्याय का इंतजार
महिलाओं के लिए जागरुकता शिविर भी नहीं लग पाए : महिला आयोग में अध्यक्ष का पद खाली होने के कारण दो साल से महिलाओं के लिए जागरुकता शिविर भी नहीं लगे हैं। अक्तूबर 2022 में आचार संहिता से पहले आखिरी शिविर लगा था।
महिला आयोग में अध्यक्ष की नियुक्ति होने पर ही अदालत लगेगी और महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई होगी। अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए सरकार के स्तर पर फैसला होगा। दिसंबर 2022 में सत्ता परिवर्तन के साथ अध्यक्ष का पद खाली हो गया था। अब तक 1300 से ज्यादा महिलाओं की शिकायतें आयोग के पास आई हैं। आयोग की ओर से काउंसलिंग कर शिकायतों को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। मामला गंभीर होने पर संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। - यशपाल शर्मा, कानून अधिकारी, महिला आयोग
महिला आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति का फैसला सरकार के स्तर पर होना है। सरकार की ओर से इस बारे में अभी कोई दिशा- निर्देश नहीं आए हैं। महिला उत्पीड़न से जुड़ी जो भी शिकायतें मिल रही हैं, उनका निपटारा जिला स्तर पर वुमन सेल, वुमन हेल्पलाइन के जरिए किया जा रहा है।- आशीष सिंघमार, सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता